- ग्रेटर नोएडा की 105 मीटर चौड़ी सड़क को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है
- ग्राम जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल तक करीब 12 किलोमीटर लंबी सड़क फेस-2 में बनाई जाएगी
- सड़क निर्माण के लिए आठ गांवों की 63 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
ग्रेटर नोएडा की ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से बहुत ही जल्द शानदार कनेक्टिविटी होगी.ग्रेटर नोएडा की 105 मीटर चौड़ी सड़क को ईस्टर्न पेरिफेरल से जोड़ने की योजना है. सड़क का करीब 6 किमी. हिस्सा ग्रेटर नोएडा फेस-1 में बन चुका है. अब फेस-2 में ग्राम जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल तक करीब 12 किमी. लंबी सड़क बनाई जानी है. 105 मीटर चौड़ी सड़क को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 8 गांवों की 63 हेक्टेयर जमीन का अधिगृहण किया जाना है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अथॉरिटी देगी और सड़क बनाने का खर्च एनएचएआई उठाएगी.
जुनपत से बील अकबरपुर तक बनेगी सड़क
फर्स्ट फेज में जुनपत से बील अकबरपुर के पास तक सड़क का निर्माण कर इसे ईस्टर्न पेरिफेरल से जोड़ा जाना है. सड़क के लिए जुनपत, दतावली, चिटहेरा, बील अकबरपुर, हजरतपुर,नई बस्ती, बोड़ाकी और रामगढ़ की 63 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस रास्ते पर रेलवे लाइन, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लिंक लाइन और जीटी रोड की वजह से तीन ओवरब्रिज बनाए जाएंगे. सड़क पर 10 लेन और 4 सर्विस लेन बनाई जाएंगी.
एनएच-34 से जुड़ेगी 5.5 किमी. लंबी सड़क
परीचौक से जुनपत तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जा चुकी है. अब इसके आगे बील अकबरपुर के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक 5.5 किमी. लंबी सड़क बनाई जानी है. इसे बाद में एनएच-34 से भी जोड़ने की योजना है. ये सड़क बाद में आगे हापुड़ बाइपास तक पहुंचेगी.
यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले इंटरचेंज का काम 80 फीसदी पूरा
इस सड़क की कुल लंबाई 7 किमी. होगी. ये सड़क गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के लिए भी अहम है. इसे पहले चरण में ईस्टर्न पेरिफेरल तक बनाया जाएगा. बता दें कि ग्रेटर नोएडा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले इंटरचेंज का काम तो 80 फीसदी पूरा भी हो चुका है. इसके दिवाली से पहले चालू होने की संभावना जताई जा रही है.
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