- गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को अगले 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जो नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ेगा
- एक्सप्रेसवे नोएडा सेक्टर-21 से शुरू होगा और बुलंदशहर के स्याना के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा
- बुलंदशहर से नोएडा का सफर इस एक्सप्रेसवे से केवल 30 मिनट में पूरा होगा, लगभग पचास मिनट की बचत होगी
जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बुलंदशहर के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74.4 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का इंतजार दिल्ली-एनसीआर से लेकर पश्चिमी यूपी की अन्य जगहों के लोगों को भी बेसब्री से है. यह एक्सप्रेसवे कब तक बनकर तैयार होगा, इसे लेकर ताजा जानकारी सामने आ गई है. गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को पूरा करने का लक्ष्य अगले 3 साल में रखा गया है. इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के 24.5 किमी. लंबे हिस्से के को बनाने का ठेका एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास है. यूपीडा ने इस कंपनी को करीब 2,086 करोड़ रुपये का टेंडर दिया है.
गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-21, फिल्म सिटी के पास से शुरू होगा और बुलंदशहर के स्याना के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जाकर जुड़ेगा. इस एक्सप्रेसवे को शुरुआत में 6-लेन का बनाया जाएगा, हालांकि भविष्य में 8-लेन तक इसे बढ़ाया जा सकता है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा और इसके आसपास के शहरों से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचना बहुत ही आसान हो जाएगा. इसके बनने से पश्चिमी यूपी के कई इलाकों को शानदार कनेक्टिविटी मिलेगी.
बुलंदशहर से नोएडा सिर्फ 30 मिनट में
बुलंदशहर लिंक एक्सप्रेसवे बनने से नोएडा से बुलंदशहर के बीच की 74 किलोमीटर की दूरी पूरी करने में 70 से 80 किलोमीटर का समय लग जाता है. लेकिन नए रोड से सफर सिर्फ 25 से 30 मिनट में पूरा हो जाएगा. यानि 50 से 60 मिनट सीधे बचेंगे. वहीं ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति मिलेगी. जेवर एयरपोर्ट आने जाने वालों के फायदे के साथ ही बुलंदशहर से दिल्ली की दूरी महज 40 मिनट रह जाएगी. इस ग्रीनफील्ड हाईवे पर गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भरेंगी.
बुलंदशंहर एक्सप्रेसवे का रूट मैप देखें
- लाडपुर गांव (बुलंदशहर)
- यमुना एक्सप्रेसवे
- जेवर एयरपोर्ट (नोएडा)
एक्सप्रेसवे के लिए कितनी जमीन खरीदी गई?
गंगा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 56 गांवों के 9 हजार किसानों की 677.80 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. इसमें 48 गांव बुलंदशहर जिले के होंगे. यीडा ने अपने क्षेत्र में अब तक करीब 92 फीसदी जमीन का अधिग्रहण पूरा कर लिया है. बाकी बची जमीन के लिए किसानों के साथ बातचीत की जा रही है. नोएडा अथॉरिटी के सीईओ के मुताबिक, बाकी जमीन भी जल्द खरीद ली जाएगी.
किन जगहों को होगा फायदा?
इस एक्सप्रेसवे के बनने से लोगों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी साथ ही उनको दिल्ली या नोएडा के ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा. इसके बनने से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, स्याना, शिकारपुर, खुर्जा और आसपास के इलाकों के लोगों का जेवर एयरपोर्ट जाना बहुत ही आसान हो जाएगा. जानकारी के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे नोएडा के 8 गांवों और बुलंदशहर के 48 गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे इन इलाकों का भी विकास होगा. यह नया रास्ता यूपी के दो अहम एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने का काम करेगा, जिससे वेस्ट यूपी से पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक आना-जाना आसान हो जाएगा.
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