मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे को अब विस्तार दिया जा रहा है. गंगा एक्सप्रेसवे को अब वेस्ट यूपी में दो नए रूट से जोड़ने की तैयारी है. हापुड़-किठौर रूट और हापुड़-मेरठ बॉर्डर पर दो इंटरचेंज बनाए जाने की तैयारी है.इससे हापुड़, बिजनौर, बागपत,बुलंदशहर समेत कई जिलों को गंगा एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच मिलेगी.हापुड़ को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के लिए दो एंट्री पॉइंट पर काम हो रहा है. पहला इंटरचेंज हापुड़-किठौर रूट पर अटौला गांव के पास बनेगा. दूसरा हापुड़-मेरठ बॉर्डर पर बनाया जाएगा. ये इससे अटोला, शाफियाबाद बॉर्डर से होकर जाएगा. इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले के कारोबारी गंगा एक्सप्रेसवे का लाभ उठा पाएंगे.
UPEIDA ने दोनों परियोजनाओं को मंज़ूरी दे दी है. हापुड़ जिले में जमीन की मार्किंग और फिर पैमाइश का काम तेज होगा. अटोला में 51,393 वर्ग मीटर और किठौर लिंक के लिए लगभग 3 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण होगा. किठौर रूट के लिए लगभग 10 करोड़ की मंजूरी मिली है. ग्रामीणों से जमीन की खरीद की प्रक्रिया चल रही है.छह महीने के भीतर ये तैयार हो जाएगा. गंगा एक्सप्रेसवे 594 किमी लंबा है और मेरठ से प्रयागराज तक जाता है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को फायदा
हापुड़, मेरठ, बागपत, बिजनौर, मवाना, किठौर समेत समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को इसका लाभ मिलेगा.हापुड़ और मेरठ को सीधी और फास्ट कनेक्टिविटी मिलेगी. बागपत और बिजनौर जिलों से आने वाले ट्रैफिक के लिए भी वाया हापुड़-किठौर मार्ग होते हुए गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ना बेहद सुगम हो जाएगा. मवाना और किठौर के लोगों को अब प्रयागराज या दिल्ली की तरफ जाने के लिए लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा से भी जुड़ेगा
गंगा एक्सप्रेसवे को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा. इससे वेस्टू यूपी और पूर्वांचल से नोएडा और जेवर एयरपोर्ट आना आसान होगा. गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में सीधे जोड़ने के लिए एक बिल्कुल नए 74.3 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी गई है. ये नया लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना के पास गंगा एक्सप्रेसवे के 44.3 किलोमीटर के प्वाइंट से शुरू होगा. वहां से यह बीबी नगर और औरंगाबाद होते हुए ग्रेटर नोएडा (YEIDA) के सेक्टर 21 की निर्माणाधीन फिल्म सिटी के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर मिल जाएगा. करीब 120 मीटर चौड़े हाईवे पर लगभग 4 हजार करोड़ खर्च होंगे. फरवरी में भूमि अधिग्रहण के लिए 1204 करोड़ का फंड भी मंजूर किया जा चुका हैृ. ट्रैफिक जाम से बचने के लिए इस रूट पर 9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रूट होगा.
गंगा एक्सप्रेसवे के दो नए इंटरचेंज
गंगा एक्सप्रेसवे अभी हापुड़-किठौर रोड के ऊपर से गुजरता है. नीचे सिर्फ एक अंडरपास है. किठौर, अटोला और समीपवर्ती गांवों के लोगों को एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए कई किलोमीटर गाड़ी चलानी पड़ती है. नया इंटरचेंज बनने के बाद, कारें और ट्रक सीधे हापुड़-किठौर रूट से एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे.
हापुड़ के चार जिलों को फायदा
हापुड़-मेरठ बॉर्डर पर दूसरा पॉइंट दो औद्योगिक जिलों को जोड़ता है. हापुड़ में चार जोन हैं - सिंभौली ईस्ट, सिंभौली वेस्ट, सदरपुर और पूठ. यहां फैक्ट्रियों का सामान सीधा इंटरचेंज के जरिये दिल्ली, मेरठ और आगे प्रयागराज तक यात्रा का समय कम कर देगा. बागपत और बिजनौर की यात्रा भी आसान हो जाएगी. गंगा एक्सप्रेसवे 6 लेन वाला और एक्सेस-कंट्रोल्ड है. पुराने स्टेट हाईवे की तुलना में इससे ईंधन और समय की बचत होती है.
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
UPEIDA का कहना है कि अटोला में जमीन की पहचान के बाद किसानों से बात कर नया अलाइनमेंट तैयार किया गया है. जमीन खरीद के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. किठौर लिंक के लिए अटोला और शफीआबाद लौटी से लगभग 3 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी. हापुड़ को कई दूसरे शहरों से पहले एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच मिल जाएगी.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था. यह एक्सप्रेसवे अभी छह लेन का है. इसे बाद में आठ लेन का बनाए जाने की तैयारी है.
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हापुड़-मेरठ बॉर्डर पर गंगा एक्सप्रेसवे के दो नए इंटरचेंज
गंगा एक्सप्रेसवे 12 जिलों से गुजरता है. यह मेरठ को प्रयागराज से 6 घंटे में जोड़ता है, जबकि पहले 11-12 घंटे लगते थे. हापुड़ के दो इंटरचेंज के साथयहां इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जा सकता है. एक्सप्रेसवे से लॉजिस्टिक्स लागत में हर साल 25 से 30 हजार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है.
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इससे 10 साल में 3 लाख नौकरियां पैदा हो सकती हैं. एक्सप्रेसवे किनारे कोल्ड स्टोरेज, फूड पार्क और फ्रेट हब बन सकते हैं. हापुड़ और किठौर से दूध, सब्जी और अनाज कम समय में दिल्ली-NCR के बाजार तक पहुंच सकते हैं.
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