देश में कोरोना के बढ़ते संकट और बिहार के कुछ शहरों में फिर से लॉकडाउन के फैसले के बाद अब भारत सरकार ने बिना राशन कार्ड वाले 8 करोड़ प्रवासी मज़दूरों को मुफ्त में अनाज के बंटवारे की स्कीम की अवधि 31 अगस्त 2020 तक बढ़ा दी है. पहले यह स्कीम 30 जून तक तय की गई थी.
कोरोना वायरस के बढ़ते संकट की वजह से रोज़गार का संकट बना हुआ है. बिहार के कुछ शहरों में फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ रहा है. अब हर गरीब प्रवासी मज़दूर को इस संकट काल में प्रति महीने 5 किलो मुफ्त अनाज देने की स्कीम दो महीने और जारी रहेगी. ये फैसला ऐसे वक्त पर लिया गया है जब राज्य सरकारें मई और जून में 8 करोड़ टार्गेटेड प्रवासी मज़दूरों में से एक चौथाई से कुछ ज्यादा को ही इस संकट की घड़ी में मुफ्त अनाज बांट पाईं.
-
AI ने बनाया प्लान और इंसान ने दबाया हमले का बटन, ईरानी स्कूल में 156 मौतों पर पूर्व CIA चीफ का बड़ा खुलासा -
इस साल के अंत तक भारत आ सकते हैं नेपाली पीएम बालेन शाह, नेपाल के वित्तमंत्री डॉ स्वर्णिम वाग्ले ने दी जानकारी -
NDTV World Summit | 'AI का डर समझिए, लेकिन...' तकनीक पर BAPS के Brahmavihari Swamiji की बड़ी बात -
पारंपरिक सेना, टैंक और बंकर सब बेकार! NDTV World Summit में पूर्व CIA चीफ का दावा- AI बना देगा युद्ध -
"डर है कहीं इंसान मशीनों की तरह न सोचने लगें", NDTV World Summit में BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
नोबेल विजेताओं जैसी दिमागी ताकत और पलक झपकते ही मौत! CIA के पूर्व प्रमुख ने AI युद्ध पर दी सबसे खौफनाक चेतावनी -
'एक दिमाग में लाखों आइंस्टाइन से बेहतर है एक हृदय में लाखों बुद्ध',AI के सवाल पर BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
PM मोदी ने याद दिलाई 12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट, बोले- 'जो मिला वो हजम...ऐसे नहीं चलता!' -
NDTV World Summit में PM मोदी का राहुल गांधी पर वार, बोले- "कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की..." -
NDTV World Summit 2026: Zerodha बंद हो जाए तो क्या करेंगे? निखिल कामत ने बताया ₹10 लाख वाला बिजनेस प्लान
खाद्य मंत्रालय के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक राज्य सरकारों ने मई में 2.32 करोड़ प्रवासी मज़दूरों को मुफ्त अनाज बांटा जबकि जून में 2.14 करोड़ प्रवासी मज़दूरों को ही मुफ्त अनाज मिला. यानी कुल 8 करोड़ टार्गेटेड प्रवासी मज़दूरों में से एक चौथाई से कुछ ज्यादा गरीब प्रवासी मज़दूरों को ही अब तक इसका फायदा मिल पाया है.
खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने पत्रकारों से कहा कि "राज्यों के पास पहले से अनाज का स्टॉक है. अब उनके पास समय होगा अनाज का बंटवारा पूरा करने के लिए."
दूसरी बड़ी चुनौती प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत इस साल नवम्बर तक मुफ्त अनाज के बंटवारा का फायदा हर गरीब तक पहुंचाने की है. एनडीटीवी संवाददाता के सवाल पर कि क्या हर गरीब लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून की लाभार्थी सूची में शामिल कर लिया गया है? खाद्य मंत्री ने माना कि बिहार सरकार ने तो लिस्ट से बरसों से खाद्य सुरक्षा कानून से बाहर रहे 14 लाख लोगों की सूची पिछले महीने भेजी है लेकिन लाखों गरीब अन्य राज्यों में अब भी इसके दायरे से बाहर हैं.
रामविलास पासवान ने कहा- "अब भी 25.87 लाख गरीब लोग हैं जो हकदार हैं लेकिन राज्य सरकारें उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के लाभार्थियों की लिस्ट में शामिल नहीं कर पाई हैं."
साफ़ है, कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान प्रशासनिक खामियों की वजह से राज्य सरकारें करोड़ों गरीब प्रवासी मज़दूरों को मुफ्त का अनाज नहीं बांट पाईं. अब ये उम्मीद करनी चाहिए कि इन खामियों को दूर करने के लिए जल्दी बड़े स्तर पर पहल शुरू होगी जिससे बढ़ते कोरोना और रोज़गार संकट के इस दौर में ज्यादा से ज्यादा गरीबों तक मुफ्त में अनाज पहुंच सके.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं