- तेजस एक्सप्रेस की बिरयानी में मक्खी मिलने पर IRCTC ने सख्त एक्शन लिया है
- IRCTC ने संबंधित केटरिंग फर्म के ठेकेदार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है
- ठेकेदार को लाइसेंस रद्द करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है
ट्रेन में मिलने वाले खाने में कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं. इस बार मामला तेजस एक्सप्रेस का है. ट्रेन में बिरयानी में मक्खी मिली थी. इस मामले में रेलवे ने कार्रवाई की है. दरअसल अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल तेजस एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 82902) में यात्रा कर रहे एक यात्री ने शिकायत की थी कि उसे परोसी गई वेज बिरयानी में मक्खी मिली. IRCTC अधिकारियों के मुताबिक, तेजस ट्रेन में यात्रा कर रहे शख्स ने खाने के लिए कॉम्बो लंच का विकल्प चुना था.
खाने में मक्खी मिलने पर ठेकेदार पर जुर्माना
शिकायत मिलते ही ट्रेन कैप्टन और ऑनबोर्ड कैटरिंग मैनेजर ने यात्री से मिलकर असुविधा के लिए माफी मांगी. यात्री को तुरंत दूसरा भोजन देने की पेशकश की गई, लेकिन उसने इसे लेने से मना कर दिया. मामले को गंभीरता से लेते हुए IRCTC ने संबंधित केटरिंग फर्म ‘आराहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड' के ठेकेदार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही ठेकेदार को लाइसेंस रद्द करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उससे पूछा गया है कि उसका लाइसेंस रद्द क्यों न किया जाए.
IRCTC ने कैटरिंग कंपनी को दिए सख्त निर्देश
रेलवे ने विक्रेता को निर्देश दियाहै कि वह केवल ताजा और पर्याप्त शेल्फ लाइफ वाले कच्चे माल का ही उपयोग करे. खाना तैयार करने से पहले सभी सामग्री की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं. साथ ही चावल, दाल, आटा और मसालों जैसी खाद्य सामग्री रखने वाले कंटेनरों की नियमित जांच और उनकी एयर-टाइट स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. रेलवे ने कहा है कि यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता. ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
IRCTC एआई कैमरों से कर रही किचन की निगरानी
इस घटना ने एक बार फिर ट्रेन के खाने की क्वालिटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जबकि पिछले दिनों खबर आई थी कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिलने वाले खाने की क्वालिटी अब पहले से ज्यादा बेहतर करने के लिए IRCTC एआई कैमरों से खाना बनाने वाली किचन पर सख्त निगरानी रख रही है. निगरानी व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है. इसके लिए बेस किचन में एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है. इसके जरिए देशभर के किचन में बनने वाले खाने की प्रक्रिया की 'राउंड द क्लॉक' निगरानी की जा रही है. सवाल यह है कि फिर क्यों खाने में मक्खी ये कैमरे नहीं पकड़ पाए.
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