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असम में बाढ़ से अब तक 41 लोगों की मौत, 10 जिलों में 6 लाख से अधिक लोग प्रभावित; गृह मंत्री शाह ने सीएम से ली स्‍थि‍ति‍ की जानकारी

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली.

असम में बाढ़ से अब तक  41 लोगों की मौत, 10 जिलों में 6 लाख से अधिक लोग प्रभावित; गृह मंत्री शाह ने सीएम से ली स्‍थि‍ति‍ की जानकारी

असम में गुरुवार को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही और राज्य के 10 जिलों में बाढ़ से 6.43 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. यह जानकरी एक आधिकारिक रिपोर्ट में दी गई. रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ के कारण कई प्रमुख नदियां पहले से ही उफान पर हैं. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली. बाढ़ से कम से कम 41 लोगों की मौत हो चुकी है. सीएम ने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल जल्द ही राज्य का दौरा करेगा.उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

असम में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की मांग को लेकर विधानसभा में गुरुवार को अपना स्थगन प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा खारिज किए जाने पर विरोध स्वरूप डेस्क पर चढ़ जाने पर रायजोर दल के विधायक अखिल गोगोई को दिनभर के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रो, कार्बी आंगलोंग, नागांव और शिवसागर जिलों के 35 राजस्व क्षेत्रों तथा 889 गांवों में बाढ़ का असर बना हुआ है.

6,43,350 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में

रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को 6,43,350 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं. 22 जुलाई को 11 जिलों में 6.53 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे. इसमें कहा गया कि 99 राहत शिविरों में 24,596 लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा 24,891.66 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अभी भी पानी में डूबा हुआ है. खतरे के निशान से ऊपर बहने वाली प्रमुख नदियों में डिब्रूगढ़ के खोवांग में बुरीदिहिंग, शिवसागर में दिखौ, शिवसागर के नंगालमुराघाट में दिसांग, गोलाघाट के नुमालीगढ़ में धनसिरी और श्रीभूमि में कुशियारा नदी शामिल हैं.

बचाव और राहत अभियान जारी

सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ समेत कई एजेंसियां बचाव और राहत अभियान जारी रखे हुए हैं. ये एजेंसियां जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने और उन्हें आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही हैं. सबसे अधिक प्रभावित पूर्वी जिलों के दौरे पर गये मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने उन्हें फोन कर स्थिति के बारे में जानकारी ली.

अम‍ित शाह ने फोन पर ली स्‍थि‍ति‍ की जानकारी

सीएम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कुछ देर पहले मुझे गृह मंत्री अमित शाह का फोन आया. असम में बाढ़ की विकट स्थिति को देखते हुए उन्होंने मुझे बताया कि नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों की आजीविका के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक केंद्रीय सहायता तय करने में मदद के वास्ते एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल जल्द ही राज्य का दौरा करेगा.'' उन्होंने इस मुश्किल समय में असम के लोगों के साथ खड़े रहने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अम‍ित शाह का आभार जताया.

शर्मा ने कहा, “लोग मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं और सरकार उनकी हर संभव मदद करने की कोशिश करेगी.” बाद में, गोलाघाट जिले के कोमरबोंधा में एक राहत शिविर का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने उन्हें बताया कि सभी संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों वाली एक केंद्रीय टीम राज्य में "आज या कल" आएगी. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

सरकार उनकी हरसंभव तरीके से मदद करने का प्रयास करेगी- सीएम

शर्मा ने कहा, ‘‘लोग मुश्किल हालात में हैं और सरकार उनकी हरसंभव तरीके से मदद करने का प्रयास करेगी.'' उन्होंने आशंका जताई कि 70 से 80 और लोग लापता हैं. उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या भी बढ़ने की आशंका है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नगालैंड में एनईईपीसीओ की एक बिजली परियोजना से जलस्तर बढ़ने के कारण पानी छोड़ा जा रहा है और असम के निचले इलाकों में एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. शर्मा ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में जलाशय से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़े जाने से कोई बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं होती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्य में बादल फटने के बाद पानी तेजी से नीचे आने के कारण इस सप्ताह की शुरुआत में जबरदस्त बाढ़ आई.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उस भौगोलिक स्थिति के साथ रहना होगा, जहां नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय से आने वाला पानी हमारे लिए समस्याएं पैदा करता है. पहाड़ी क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ अधिक सड़कों, उद्योगों और पहाड़ों की कटाई के कारण हमारी समस्याएं बढ़ गई हैं।'' मुख्यमंत्री ने ‘एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘ऊपरी क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाओं और स्थानीय स्तर पर सामान्य से 436 प्रतिशत अधिक हुई भारी बारिश के कारण उन गांवों में भी बाढ़ आ गई है, जहां हाल के इतिहास में ऐसी तबाही नहीं देखी गई थी.''

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए एक व्यापक दीर्घकालिक पुनर्वास पैकेज तैयार करने के लिए विभिन्न विभागों और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है. राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद, गोगोई ने यह मुद्दा उठाया और अध्यक्ष रंजीत कुमार दास से दो मिनट का समय मांगा ताकि वह ऊपरी असम, खासकर शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में बाढ़ से हुई तबाही के बारे में बात कर सकें.

अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया

अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि बुधवार को कांग्रेस ने भी ऐसा ही प्रस्ताव पेश किया था एवं उसे भी खारिज कर दिया गया था. इस पर गोगोई चिल्लाने लगे और दास से दो मिनट बोलने देने की गुज़ारिश करने लगे. जब दास ने कार्यवाही जारी रखी, तो गोगोई अपनी कुर्सी पर खड़े हो गए और नारे लगाते रहे. जब अध्यक्ष ने उनके विरोध पर ध्यान नहीं दिया, तो विधायक अपनी डेस्क पर चढ़ गए और चिल्लाते रहे.तब अध्यक्ष ने रायजोर दल के अध्यक्ष को निलंबित कर दिया और मार्शल से उन्हें सदन से बाहर ले जाने को कहा. मार्शल उन्हें सदन से बाहर ले गए.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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