एम्ब्रेयर एयरक्राफ्ट करियर
- एम्ब्रेयर एयरक्राफ्ट पर बने AEW&C को हवा में ही ईंधन भरा गया.
- इसमें ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट IL 78 से तेल डाला गया.
- दस मिनट ईंधन भरने से चार घंटे उड़ने की क्षमता बढ़ जाती है.
नई दिल्ली:
देश में पहली बार मिनी अवाक्स कहे जाने वाले एम्ब्रेयर एयरक्राफ्ट पर बने एयरबोन अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल यानी कि AEW&C को हवा में ही ईंधन भरा गया. उसमें ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट IL 78 से तेल डाला गया. इससे ये अधिक देर तक आसमान मे रह सकता है. दस मिनट ईंधन भरने से चार घंटे उड़ने की क्षमता बढ़ जाती है. ये काम तकनीकी तौर पर काफी जटिल होता है. थोड़ी सी चूक होने पर दुर्घटना हो सकती है.
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दुनिया में बहुत कम ही ऐसे वायुसेना है जिसके पास ऐसी क्षमता है. इससे हवा से दूर तक नज़र रखी जा सकती है. यह विमान ब्राजील का बना है और सिस्टम को डीआरडीओ ने बनाया है. दुनिया में पहली बार एम्ब्रेयर प्लेटफॉर्म पर ऐसा हवा से हवा में ईंधन भरा गया है.
इससे वायुसेना की ताकत हवाई युद्ध के दौरान कई गुना बढ़ जाती है. दुश्मन के हर हरकत नज़र रखकर उसका माक़ूल जवाब दिया जा सकता है.
VIDEO: पहली बार लड़ाकू विमान 'तेजस' में किसी पत्रकार ने भरी उड़ान
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