तेलंगाना के हैदराबाद में आयोजित संयुक्त स्नातक परेड का एक भावुक पल इन दिनों लोगों के दिलों को छू रहा है. हरियाणा के करनाल की रहने वाली निधि अग्रवाल भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनी हैं. जैसे ही उन्होंने अपना प्रशिक्षण पूरा कर परेड में हिस्सा लिया, उनके परिवार की वर्षों पुरानी इच्छा भी पूरी हो गई. इस ऐतिहासिक मौके पर उनके पिता सुधीर कुमार अग्रवाल की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े.
परेड के बाद निधि सबसे पहले अपनी मां और फिर पिता के पास पहुंचीं. बेटी को वायुसेना की वर्दी में देखकर पिता खुद को रोक नहीं पाए. उन्होंने निधि को गले से लगा लिया और उनकी आंखें नम हो गईं. बेटी की पीठ थपथपाते हुए उन्होंने गर्व से उसके हाथ ऊपर उठाए. इसके बाद निधि ने अपनी कैप पिता के सिर पर रख दी. यह देखकर सुधीर कुमार ने तुरंत बेटी को सैल्यूट किया और बेटी ने भी उन्हें सैल्यूट कर सम्मान लौटाया. इस भावुक पल में मां भी शामिल हो गईं और उनकी आंखों में भी खुशी साफ दिखाई दे रही थी.
#WATCH | Hyderabad, Telangana: On the participation of his daughter, Nidhi, in the Combined Graduation Parade marking the completion of pre-commissioning training for flight cadets of the Indian Armed Forces, Sudheer Kumar Agarwal says, "Long back when I was a student, I had a… pic.twitter.com/Y8MI2hS3HY
— ANI (@ANI) June 13, 2026
सुधीर कुमार अग्रवाल बताते हैं कि जब वह छात्र थे, तब उनका सपना सेना में जाने का था. लेकिन किसी कारण वह अपना यह सपना पूरा नहीं कर सके. उन्होंने कहा, “मैं फोर्स में जाना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. आज मेरी बेटी ने मेरा वही सपना पूरा कर दिया है.”
उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बेटी कोमल ने एनसीसी में शानदार प्रदर्शन किया और सर्वोच्च स्तर तक पहुंची. वहीं छोटी बेटी निधि ने सशस्त्र बलों में करियर बनाने का फैसला किया और अपनी मेहनत से नई मिसाल कायम कर दी. निधि का प्रदर्शन चयन प्रक्रिया के दौरान भी बेहद शानदार रहा.
उन्हें सेना में ऑल इंडिया रैंक 28, नौसेना में ऑल इंडिया रैंक 9 और वायुसेना में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल हुई. वायुसेना में टॉप रैंक के साथ चयन होना परिवार के लिए गर्व का विषय बन गया.

निधि के माता-पिता
Photo Credit: ANI
सुधीर कुमार कहते हैं कि उनकी बेटियों की सफलता के पीछे पूरे परिवार का सहयोग रहा है. परिवार ने कभी बेटियों और बेटों में फर्क नहीं किया. दोनों बेटियों को अपने सपनों को पूरा करने की पूरी आजादी और प्रोत्साहन दिया गया. वह इस सफलता का बड़ा श्रेय अपनी पत्नी निरुपमा को भी देते हैं. उन्होंने बताया कि उनके ससुर भारतीय वायुसेना में रहे थे और परिवार में देशसेवा की भावना हमेशा से रही है.
परेड के दौरान परिवार के लिए कई यादगार पल आए. एयरफोर्स प्रमुख एपी सिंह ने सफल कैडेट्स और उनके परिवारों को बधाई दी. वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कैडेट्स का उत्साह बढ़ाया और उनके कंधों पर विंग्स लगाकर सम्मानित किया.
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