Fire at Coaching Centre in Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई. घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. अभी कई और लोगों के फंसे होने की आशंका है. फायर ब्रिगेड की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है. पीएम मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है. वहीं, घायलों को 50,000 रुपये दिए जाने की घोषणा की है. पीएम मोदी ने घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना की है.
घटना के लाइव अपडेट्स
लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर SIT का गठन किया गया है. SIT में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत प्रमुख और लखनऊ जोन अपर पुलिस डीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है. यह SIT सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी.
लखनऊ की आग की घटना के बाद उठ रहे ये सवाल?
- क्या इस इमारत के कमर्शियल इस्तेमाल की इजाजत ली गई थी? अगर हां तो एलडीए या नगर निगम, जिसके अधीन आता हो, उसने इस इमारत के मानकों की जांच की या नहीं की?
- अगर इजाजत नहीं ली गई तो क्या विभाग ने इस तरह बिना अनुमति के कमर्शियल इस्तेमाल की लेकर वाली इमारत पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?
- इस इमारत में इमरजेंसी एग्जिट क्यों नहीं बनाया गया था?
- अगर मानक के हिसाब से इसे नहीं बनाया गया तो क्या कोई नोटिस जारी की गई?
- अगर नोटिस जारी हुई और तब भी सुधार नहीं हुआ तो इसे सीज क्यों नहीं किया गया?
- क्या हर बार किसी घटना का इंतजार किया जाएगा कि घटना होगी तब चेकिंग का काम करके कार्रवाई होगी?
- जिन 15 लोगों की जान गई, आख़िर उनकी मौत का ज़िम्मेदार कौन है?पहला ये कि क्या इस इमारत के कमर्शियल इस्तेमाल की इज़ाजत ली गई थी? अगर हां तो एलडीए या नगर निगम, जिसके अधीन आता हो, उसने इस इमारत के मानकों की जांच की या नहीं की? अगर इज़ाजत नहीं ली गई तो क्या विभाग ने इस तरह बिना अनुमति के कमर्शियल इस्तेमाल की लेकर वाली इमारत पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? इस इमारत में इमरजेंसी एग्जिट क्यों नहीं बनाया गया था? अगर मानक के हिसाब से इसे नहीं बनाया गया तो क्या कोई नोटिस जारी की गई? अगर नोटिस जारी हुई और तब भी सुधार नहीं हुआ तो इसे सीज क्यों नहीं किया गया? क्या हर बार किसी घटना का इंतज़ार किया जाएगा कि घटना होगी तब चेकिंग का काम करके कार्रवाई होगी? जिन 15 लोगों की जान गई, आख़िर उनकी मौत का ज़िम्मेदार कौन है?
यूपी के फायर डिपार्टमेंट का कहना है कि इस घटना में फायर डिपार्टमेंट का एनओसी से कोई लेना देना नहीं है. फायर विभाग के नियमों के मुताबिक 15 मीटर या उससे अधिक ऊंची बिल्डिंग होने पर फायर डिपार्टमेंट से एनओसी की जरूरत पड़ती है. 15 मीटर आम तौर पर पांच मंजिला इमारत की होती है. जिस इमारत में आग लगी, वो इमारत तीन मंज़िला थी. ऐसे में ये फायर के मानकों के अधीन नहीं आती है. अब सवाल ये है कि अगर फायर विभाग से एनओसी नहीं लेनी होती है तो एलडीए ने बिल्डिंग को जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया होगा. ऐसे में एलडीए को बताना होगा कि क्या उस इमारत के कमर्शियल इस्तेमाल की अनुमति ली गई थी या नहीं.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने कल के सभी दौरे रद्द किए. सीएम कल आगरा और हाथरस के दौरे पर रहने वाले थे.
लखनऊ अग्निकांड पर सीएम योगी एक्शन मोड में हैं. उन्होंने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द किया और तुरंत लखनऊ पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया और घायलों से मुलाकात की. इसके बाद सीएम हाउस में अधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई है. इस बैठक में कई उच्च अधिकारी मौजूद हैं. बैठक में सीएम ने कहा कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
- लखनऊ अग्निकांड के बाद घटना स्थल का जायजा लेने सीएम योगी पहुंचे. इसके बाद सीएम KGMU ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. उन्होने घायलों से पूछा कि वे कैसे बाहर निकले? हादसा कैसे हुआ? वे कहां रहते हैं और उनके साथ कितने साथी थे?
VIDEO | Lucknow fire tragedy: UP CM Yogi Adityanath (@myogiadityanath) enquires about the incident from the survivors of the incident at the Trauma Centre of KGMU. He ordered the medical staff for proper treatment of the injured. #LucknowFire pic.twitter.com/ZO7KTWlI0j
— Press Trust of India (@PTI_News) June 22, 2026 सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊअग्निकांड में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है. वहीं घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया गया है.
लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वालों में सुखमणि भी शामिल हैं. लोगो ने बताया कि उनका ऑफिस इसी बिल्डिंग में था. ऑफिस का गेट थंब एम्प्रेशन से खुलता था. आग लगने की वजह से गेट ऑटोमैटिक लॉक हो गया, जिसकी वजह से लोग फंस गए थे.
सूत्रों के अनुसार, जिस जगह पर बिल्डिंग बनी है, वह जमीन वीरेंद्र शुक्ला के नाम पर बताई जा रही है. बिल्डिंग का नक्शा सुरेन्द्र शुक्ला व धीरेन्द्र शुक्ला के नाम पर पास है. वीरेंद्र शुक्ला रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के मालिक है.
सूत्रों के अनुसार बिल्डिंग में इमरजेंसी निकास द्वार नहीं था, जिसकी वजह से अग्निकांड में 15 लोगों की जान गई.
लखनऊ अग्निकांड में मृतकों और घायलों की लिस्ट आई सामने

घायलों को केजीएमयू ट्रामा सेंटर भेजा गया है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, डीजीपी राजीव कृष्णा, एसीएस होम संजय प्रसाद समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. केजीएमयू ट्रामा सेंटर इंचार्ज प्रेम राज सिंह ने NDTV को बताया कि 22 लोगों को यहां लाया गया था. 15 डेड बॉडी आई थीं. उन्होंने बताया कि घायलों कि हालत स्टेबल है.

सीएम ने अपना दौरा रद्द किया, लखनऊ पहुंचे
सीएम योगी ने अपना दौरा रद्द कर दिया है. उन्होंने कहा, ''मेरी हार्दिक इच्छा थी कि आज मैं अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है, अभी अभी मुझे जानकारी मिली है कि लखनऊ में एक अग्निकांड की दुखद घटना हुई है, उसकी चपेट में कुछ बच्चे आये हैं, उनकी दुखद मौत हुई है, इसलिए मुझे तत्काल वापस जाना पड़ रहा है, जिन्होंने जान खोई उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.''
सीएम ने कहा कि इस पूरे मामले के लिए पुलिस महानिदेशक व अपर मुख्य सचिव गृह को भी कहा है कि मौके पर जाकर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें, मैं स्वयं भी वहां प्रस्थान कर रहा हूं, जिससे इस पूरे मामले की तह में जाकर दोषियों को सजा भी दे सकें और उन पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त कर सकें.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, "अभी ऊपरी मंजिल पर कोई नहीं है। पहली मंजिल की दीवार तोड़कर कर्मचारी अंदर गए हैं, धुंआ अधिक है. एक-एक कमरे की जांच की जा रही है. हमारी प्राथमिकता है कि सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला जाए. प्रशासन और चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े सभी लोगों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. एंबुलेंस मौके पर हैं."

बताया जा रहा है कि आईटी की कोई कंपनी है, जहां बच्चे ट्रेनिंग करते हैं वही बच्चे फंसे हुए हैं. एक फायर कर्मी ने NDTV को बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार 10 से 12 लोग यहां पर फंसे हुए हैं. एक चश्मदीद अमन ने बताया, "यहां एक लाइब्रेरी या कंप्यूटर कोर्स का संस्थान है. जब हम यहां पहुंचे, तो हमने इमारत से धुआं निकलते देखा. हमने 5-6 लोगों को बचाया. आग लगने के बाद, एक व्यक्ति इमारत से नीचे कूद गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। अभी भी कुछ लोग अंदर फंसे हुए हैं..."
मौके पर पहुंचे प्रभजोत सिंह ने बताया कि उनका बेटा सुखमणि सिंह गेमिंग प्रॉक्स का काम करता था. करीब सवा दो बजे बेटे ने ही फोन करके आग की सूचना दी. ऑफिस में करीब 20 से 22 लोग काम करते थे.
राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई. बताया जा रहा है कि जान बचाने के लिए कई लोग कोचिंग सेंटर से नीचे कूद गए. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान… pic.twitter.com/h9gkVIlq6k
— NDTV India (@ndtvindia) June 22, 2026
सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना का संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी लाने और घायलों को उचित इलाज मुहैया कराने का आदेश दिया. प्रशासन को सभी स्तरों पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने और घायलों के उचित इलाज के निर्देश भी दिए.
हादसे की ईमानदारी से जांच हो- अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ अग्निकांड पर दुख जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से जिन्होंने अपनी जान गंवाई है, उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि. जिन्होंने अपनों को खोया है, उन शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं. सरकार घायलों के लिए सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुनिश्चित करे. ये एक बेहद दुखद घटना है. इसके पीछे के कारणों की ईमानदारी से जांच हो, बच्चे किसी के घर के भी हो सकते थे. भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके, हम सबकी यही कोशिश होनी चाहिए.
रक्षा मंत्री ने घटना पर जताया दुख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, ''लखनऊ के अलीगंज इलाके एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है. मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ है, जिन्होंने इस घटना में अपने प्रियजनों को खोया है. इसके साथ ही मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.''
मायावती ने कहा- अब सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से नहीं चलेगा काम
बसपा प्रमुख मायावती ने एक्स पर लिखा, ''यूपी की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेन्टर में आज दोपहर बाद हुई अग्निकाण्ड में अनेक लोगों की मौत तथा और भी कई लोगों के घायल हो जाने की घटना अति-दुखद. इस प्रकार की जानलेवा घटनायें दिल को दहलाने वाली होती हैं तथा कितने ही परिवार की उम्मीदों को बिखेर देती हैं. ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिये सबको मिलकर सही से काम करने की ज़रूरत है। सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा.''
हादसे पर राहुल गांधी का आया बयान
इस हादसे पर लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का बयान सामने आया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने के हादसे में कई लोगों की मृत्यु और कई अन्य के घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं.
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