विज्ञापन

ऑपरेशन टाइगर के बाद उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे का अगला कदम क्या? महाराष्ट्र टू दिल्ली बदलेगी सियासत

आने वाले महीनों में सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि क्या उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगी इस झटके से उबरकर नई राजनीतिक रणनीति तैयार कर पाते हैं, या फिर ऑपरेशन टाइगर महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति संतुलन को स्थायी रूप से बदलने वाला मोड़ साबित होगा.

ऑपरेशन टाइगर के बाद उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे का अगला कदम क्या? महाराष्ट्र टू दिल्ली बदलेगी सियासत
शिवसेना में उद्धव ठाकरे के सामने एकनाथ शिदें अब तक मजबूत साबित हुए हैं.
  • उद्धव ठाकरे के छह सांसद एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट में शामिल हो गए हैं, जो बड़ा राजनीतिक झटका है
  • MVA के लिए यह एक गंभीर संकट है क्योंकि इन सांसदों की जीत में कांग्रेस और एनसीपी की भी भूमिका थी
  • शिवसेना के सांसदों की संख्या बढ़कर तेरह हो गई है, जिससे शिंदे का राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव बढ़ने की संभावना है

महाराष्ट्र की राजनीति में 22 जून 2026 का दिन एक और बड़े राजनीतिक पुनर्संयोजन के रूप में दर्ज हो गया. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों ने आधिकारिक रूप से एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया. 2022 में 40 विधायकों के विद्रोह के बाद यह दूसरी बार है जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व को इतना बड़ा झटका लगा है. राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से चर्चा में रहे "ऑपरेशन टाइगर" की सफलता ने न केवल शिवसेना की आंतरिक लड़ाई को नए स्तर पर पहुंचा दिया है, बल्कि महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की भविष्य की राजनीति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सिर्फ उद्धव ठाकरे नहीं, पूरी MVA के लिए झटका

तकनीकी रूप से देखा जाए तो बागी हुए छह सांसद शिवसेना (यूबीटी) के थे, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह केवल उद्धव ठाकरे का नुकसान नहीं है. लोकसभा चुनाव 2024 में इन सांसदों की जीत केवल शिवसेना (यूबीटी) के संगठनात्मक बल पर नहीं हुई थी. कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के साथ बने महाविकास आघाड़ी गठबंधन की संयुक्त चुनावी ताकत ने भी इन सीटों को जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

यही कारण है कि इन छह सांसदों का शिंदे खेमे में जाना पूरे विपक्षी गठबंधन की कमजोरी के रूप में देखा जा रहा है. यह संदेश भी गया है कि विपक्ष जिन सीटों को अपनी राजनीतिक ताकत का प्रतीक मान रहा था, वहां भी एकजुटता टिक नहीं सकी. 

लोकसभा 2024 के बाद लगातार पिछड़ती MVA

लोकसभा चुनाव 2024 के बाद ऐसा माहौल बना था कि महाविकास आघाड़ी महाराष्ट्र में वापसी कर सकती है. लेकिन उसके बाद हुए लगभग हर चुनावी मुकाबले में तस्वीर बदलती दिखाई दी.

विधानसभा चुनावों में महायुति ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया. इसके बाद स्थानीय निकायों, नगर निगमों, जिला स्तर के चुनावों और हालिया विधान परिषद चुनावों में भी महायुति ने बढ़त बनाए रखी.

विपक्ष लगातार यह दावा करता रहा कि लोकसभा का जनादेश उसके पक्ष में था, लेकिन वह बढ़त आगे के चुनावों में राजनीतिक पूंजी में परिवर्तित नहीं हो सकी. ऐसे में छह सांसदों का जाना उस गिरते मनोबल पर एक और चोट माना जा रहा है.

उद्धव ठाकरे की अगली रणनीति क्या होगी?

उद्धव ठाकरे अब उन सभी छह लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करने की तैयारी कर सकते हैं, जहां से ये सांसद चुने गए थे. इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना होगा कि सांसद भले चले गए हों, लेकिन पार्टी का मूल संगठन, शिवसैनिक और कार्यकर्ता अब भी उनके साथ हैं.

राजनीतिक रूप से यह रणनीति महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि महाराष्ट्र की राजनीति में कई बार ऐसा देखा गया है कि जनप्रतिनिधि दल बदल लेते हैं लेकिन स्थानीय संगठन पुराने नेतृत्व के साथ बना रहता है. हालांकि सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या केवल भावनात्मक अपील और संगठनात्मक निष्ठा आने वाले चुनावों में पर्याप्त साबित होगी?

MVA को अब नए राजनीतिक मॉडल की जरूरत

महाविकास आघाड़ी की सबसे बड़ी चुनौती अब केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि अपने नेताओं और जनप्रतिनिधियों को साथ बनाए रखना भी है. गठबंधन के भीतर लंबे समय से सीट बंटवारे, नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चा चलती रही है. अब छह सांसदों के जाने के बाद विपक्ष को नई सामूहिक रणनीति तैयार करनी पड़ सकती है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) अलग-अलग राजनीतिक संदेश देते रहे, तो महायुति को चुनौती देना और कठिन हो जाएगा.

सबसे बड़े विजेता एकनाथ शिंदे

यदि इस पूरे घटनाक्रम में किसी एक नेता को सबसे बड़ा राजनीतिक लाभ हुआ है तो वह एकनाथ शिंदे हैं. 2022 में उन्होंने पहले शिवसेना के विधायकों का बड़ा समूह अपने साथ लाकर पार्टी में विभाजन किया. अब 2026 में उन्होंने उद्धव ठाकरे के छह सांसदों को अपने पाले में लाकर यह साबित करने की कोशिश की है कि उनका प्रभाव केवल विधानसभा तक सीमित नहीं है. राजनीतिक दृष्टि से यह संदेश बेहद महत्वपूर्ण है कि शिंदे न केवल विद्रोह कर सकते हैं बल्कि उसे स्थायी राजनीतिक शक्ति में भी बदल सकते हैं.

संसद में बढ़ी ताकत, NDA में बढ़ेगा कद

इन छह सांसदों के शामिल होने के बाद शिंदे गुट के सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है. शिवसेना अब एनडीए के भीतर अधिक प्रभावशाली सहयोगी दल के रूप में शामिल हो गई है. 13 सांसदों के साथ शिंदे की राष्ट्रीय स्तर पर बारगेनिंग की क्षमता बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भविष्य में शिवसेना को केंद्र सरकार में और बड़ा प्रतिनिधित्व मिल सकता है. हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

क्या शिंदे अब राष्ट्रीय नेता के रूप में उभर रहे हैं?

अब तक एकनाथ शिंदे को मुख्यतः महाराष्ट्र तक सीमित क्षेत्रीय नेता के रूप में देखा जाता था. लेकिन 13 सांसदों के साथ उनकी स्थिति बदलती दिखाई दे रही है. यदि लोकसभा में उनका समूह मजबूत और एकजुट बना रहता है, तो वे राष्ट्रीय राजनीति में भी अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा सकते हैं. यही वजह है कि ऑपरेशन टाइगर को केवल महाराष्ट्र की घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के व्यापक संदर्भ में भी देखा जा रहा है.

MVA के लिए चेतावनी, महायुति के लिए ऊर्जा

ऑपरेशन टाइगर की सफलता ने फिलहाल महायुति को राजनीतिक बढ़त दी है और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को नई वैधता प्रदान की है. दूसरी ओर, महाविकास आघाड़ी के सामने संगठनात्मक एकता, नेतृत्व और राजनीतिक संदेश को लेकर गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.

लोकसभा 2024 के बाद विपक्ष जिस राजनीतिक पुनरुत्थान की उम्मीद कर रहा था, वह अब तक जमीन पर दिखाई नहीं दिया है. विधानसभा से लेकर विधान परिषद तक और अब सांसदों की बगावत तक, लगभग हर मोर्चे पर विपक्ष रक्षात्मक स्थिति में नजर आ रहा है.

आने वाले महीनों में सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि क्या उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगी इस झटके से उबरकर नई राजनीतिक रणनीति तैयार कर पाते हैं, या फिर ऑपरेशन टाइगर महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति संतुलन को स्थायी रूप से बदलने वाला मोड़ साबित होगा.

ये भी पढ़ें-

TMC के 60 विधायकों ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाया, भतीजे अभिषेक को महासचिव पद से सस्पेंड किया

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Uddhav Thackeray, Eknath Shinde, Operation Tiger
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com