दुबई, थाईलैंड, इंडोनेशिया में  फर्जी आईटी नौकरी का "खेला', 17 लोगों की भारत वापसी

थाईलैंड , म्यांमार, कंबोडिया, लाओस जैसे देशों में ले जाकर उन्हें बंधक बनाकर उनसे अवैध आईटी के काम करा रही हैं. उन्हें वहां पीटा जा रहा है. उनके साथ जानवरों से बदतर बर्ताव किया जा रहा है. भारत सरकार की मदद से अब तक 17 ऐसे पीड़ित वापस लौटे हैं.

नई दिल्ली:

भारत से कई फर्जी कंपनियां दुबई , थाईलैंड , इंडोनेशिया में बढ़िया आईटी नौकरी देने के नाम पर यहां से लोगों को ले जा रही हैं और थाईलैंड , म्यांमार, कंबोडिया, लाओस जैसे देशों में ले जाकर उन्हें बंधक बनाकर उनसे अवैध आईटी के काम करा रही हैं. उन्हें वहां पीटा जा रहा है. उनके साथ जानवरों से बदतर बर्ताव किया जा रहा है. भारत सरकार की मदद से अब तक 17 ऐसे पीड़ित वापस लौटे हैं.

इससे पहले थाईलैंड और म्यांमार में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) पेशेवरों को लुभाने वाले फर्जी जॉब रैकेट की खबरों के बाद, केंद्र ने भारतीय युवाओं को एक एडवाइजरी जारी की थी. थाईलैंड में 'डिजिटल सेल्स एंड मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव' के पदों पर भर्ती करने के लिए आकर्षक पेशकश की गई थी. इसमें संदिग्ध आईटी कंपनियों का पता चला है जो कि कॉल-सेंटर घोटाले और क्रिप्टोक्यूरेंसी धोखाधड़ी में शामिल थीं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने भारतीय नागरिकों से थाईलैंड में नौकरी करने से पहले अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा था. उनके अनुसार दर्जनों भारतीयों को रोजगार रैकेट अवैध रूप से म्यांमार ले गया था. उन्होंने कहा था कि, "और आप जानते हैं कि स्थानीय सुरक्षा स्थिति के कारण उस क्षेत्र तक पहुंचना मुश्किल है.

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