EXCLUSIVE : "उद्धव ठाकरे के इस्तीफे से खुशी नहीं मिली, लेकिन...", बागी नेता दीपक केसरकर बोले

बागी विधायक दीपक केसरकर ने कहा, बहुत सांसद कांग्रेस और एनसीपी के वजह से नाराज़ हैं. एनसीपी के महाराष्ट्र के अध्यक्ष हमारे क्षेत्र में जाकर अपने लोगों के नाम का ऐलान करते थे. हमसे ही यह लोग सत्ता में आकर शिवसेना को हरा रहे थे.

मुंबई:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ( Uddhav Thackeray) ने फ्लोर टेस्ट के पहले इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया तो सबकी निगाहें बीजेपी और बागियों के रुख पर टिक गईं. बागी खेमे की पहली प्रतिक्रिया शिंदे गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर (Shiv Sena Rebel MLA Deepak Kesarkar ) की ओर से आई. केसरकर ने एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए कहा,  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का इस्तीफा हमारे लिए कोई आनंद की बात नहीं है. हम सबको दुख है कि NCP एयर कांग्रेस से लड़ते समय हमें हमारे लीडर से भी नाराज़ होना पड़ा. इसका कारण एनसीपी और संजय राउत ही हैं, जिनका रोज़ का काम है केंद्र सरकार के खिलाफ बयान देना और केंद्र और राज्य के बीच बुरा संपर्क बनाना. इसकी वजह से स्थिति बिगड़ गई और इसलिए हमें यह कदम उठाना पड़ा.

केसरकर ने कहा, जो NCP और कांग्रेस कर रही थी, ताकि हमारे विधायकों को हराने की कोशिश शुरू थी, इससे MLA तो नाराज़ थे ही, शायद सांसद भी नाराज़ हैं. जितने भी सांसद मिले हैं, उन्होंने कहा कि NCP नहीं रहनी चाहिए. यह बोलने के बाद भी कुछ नहीं किया गया. शिवसेना के विधायकों से उन्हें पवार साहब करीबी लगने लगे जिसके वजह से यह दूरी बनती गई और इसका नतीजा आज आप देख रहे हैं. केसरकर ने कहा, हम लोग मुम्बई आएंगे. पहले हमारा मीटिंग होगा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में होगी. वहां रणनीति  बनाकर वो मिलेंगे. जिनके साथ उनको ऐलान करना है, उनके साथ वो सरकार बनाएंगे. मुख्यमंत्री कौन होगा वो एकनाथ शिंदे ऐलान करेंगे. जल्द से जल्द मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. कल मुंबई आना है या नहीं वो एकनाथ शिंदे बैठक के बाद तय करेंगे.

बागी विधायक ने कहा, बहुत सांसद कांग्रेस और एनसीपी के वजह से नाराज़ हैं. एनसीपी के महाराष्ट्र के अध्यक्ष हमारे क्षेत्र में जाकर अपने लोगों के नाम का ऐलान करते थे. हमसे ही यह लोग सत्ता में आकर शिवसेना को हरा रहे थे. रोज़ शाम को संजय राउत गाली दे रहे थे. लोग परेशान हो गए. हमने प्रार्थना की थी कि ऐसा प्रवक्ता किसी पार्टी को ना मिले. देवेंद्र फडणवीस पर शिंदे साहब बात करेंगे. उनकी जो चर्चा है, वो पहले हम विधायकों से करेंगे फिर उनसे करेंगे. केसरकर ने कहा, मैंने यह मंत्रिपद के लिए नहीं किया, जब मेरे पीछे गाड़ी लग गई, तब मैं वहां से निकल गया.

केसरकर बोले, मेरा सम्मान है. उद्धव ठाकरे से बात करना है या नहीं वो शिंदे साहब का ऑप्शन है। मुझे नहीं लगता कि बात होगी। हमने बहुत बार बोला और रिक्वेस्ट किया। कल आखरी दिन था और इसके बाद कोई चर्चा नहीं होगी. मैंने मीडिया के ज़ारोये बात किया था. उन्होंने आह्वान  किया लेकिन MVA के साथ अपने संबंध नहीं छोड़े। यही हमारी मांग थी. अभी तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

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