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E20 से आगे बढ़ेगा इथेनॉल मिश्रण? पेट्रोलियम मंत्रालय जल्द ले सकता है फैसला

पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को मौजूदा 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने के प्रस्ताव पर पेट्रोलियम मंत्रालय से विचार कर रहा है. मिडिल ईस्ट तनाव और ऊंची कच्चे तेल की कीमतों के बीच सरकार इस कदम के जरिए तेल आयात निर्भरता घटाने, किसानों को लाभ पहुंचाने और विदेशी मुद्रा की बचत बढ़ाने की संभावना देख रही है.

E20 से आगे बढ़ेगा इथेनॉल मिश्रण? पेट्रोलियम मंत्रालय जल्द ले सकता है फैसला
पेट्रोल में 20% से अधिक इथेनॉल की तैयारी (एआई इमेज)
  • पेट्रोलियम मंत्रालय पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने पर सक्रियता से विचार कर रहा
  • महंगे कच्चे तेल की वजह से भारत के तेल आयात पर खर्च में वृद्धि होने के कारण यह प्रस्ताव समयोचित माना जा रहा है
  • BIS ने पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को 21 प्रतिशत तक बढ़ाने की मंजूरी दी है, जिससे विकल्पों का विस्तार होगा

पेट्रोल (E20 फ्यूल) में इथेनॉल ब्लेंडिंग को मौजूदा 20% से अधिक बढ़ाने के प्रस्ताव पर पेट्रोलियम मंत्रालय सक्रियता से विचार कर रहा है और इस पर जल्द औपचारिक फैसला लिया जा सकता है. मंत्रालय इस प्रस्ताव को सभी हितधारकों के साथ सलाह‑मशविरा कर आगे बढ़ाने की तैयारी में है. बुधवार को पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, “यह एक ऐसा विचार है जिसका समय आ गया है. इस प्रस्ताव पर हितधारकों के साथ सलाह‑मशविरा जारी है.”

महंगे कच्चे तेल के बीच प्रस्ताव पर तेजी

सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम मंत्रालय इस प्रस्ताव को स्टेकहोल्डर्स के साथ गहन विचार‑विमर्श के बाद लागू करने की दिशा में काम कर रहा है और इस पर जल्द निर्णय लिया जा सकता है. असल में यह प्रस्ताव ऐसे समय पर सामने आया है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते पिछले 54 दिनों से कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार से आयात करता है, ऐसे में महंगे कच्चे तेल की वजह से तेल आयात पर खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है.

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BIS की मंजूरी और होर्मुज़ का असर

इससे पहले 13 अप्रैल, 2026 को भारी उद्योग मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी हनीफ कुरैशी ने कहा था, “सरकार bio‑fuels को प्रमोट करने के लिए कटिबद्ध है. E‑20 यानी पेट्रोल में 20% तक इथेनॉल का मिश्रण हो चुका है. ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने कहा है कि 21% तक इथेनॉल की ब्लेंडिंग की जा सकती है.” इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के जरिए कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने के कारण अब भी भारत के 14 जहाज़ वहां फंसे हुए हैं, जिनमें कच्चे तेल से लदे 3 बड़े ऑयल टैंकर शामिल हैं.

EBP प्रोग्राम की सफलता और बढ़ता लक्ष्य

पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार Ethanol Blended Petrol (EBP) प्रोग्राम के तहत पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेंडिंग को लगातार बढ़ावा देती रही है. National Policy on Biofuels – 2022 के तहत पेट्रोलियम मंत्रालय ने पेट्रोल में 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 2030 से पहले कर दिया था, जिसे दिसंबर 2025 में ही हासिल कर लिया गया. पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेंडिंग एथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2013‑14 में सिर्फ 38 करोड़ लीटर थी, जो 11 साल बाद ESY 2024‑25 में बढ़कर 1000 करोड़ लीटर से अधिक हो गई है.ॉ

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किसान, विदेशी मुद्रा और तेल आयात पर फायदा

पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण और बढ़ाने से किसानों को अधिक आर्थिक लाभ, विदेशी मुद्रा की बचत और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद जताई जा रही है. इससे पहले 02 अप्रैल, 2026 को पेट्रोलियम राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने लोक सभा में दिए बयान में कहा था, “एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol) कार्यक्रम के चलते एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2014‑15 से फरवरी 2026 तक किसानों को 1,50,925 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है. इसके अलावा 1,70,560 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत, लगभग 869 लाख मीट्रिक टन CO₂ में कमी और 289 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल का प्रतिस्थापन दर्ज किया गया है.”

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