चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर आई 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट पर बवाल मचा हुआ है. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बाकी दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति के बगैर फैसला लेते हैं. हालांकि, अब पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने NDTV से बातचीत में साफ किया है कि अगर दोनों चुनाव आयुक्तों असहमत हैं तो फिर वही फैसला लिया जाएगा, जो वो चाहते हैं.
दरअसल, बुधवार को अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR की कवायद के दौरान 10 महीने में 14 बार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सामने आपत्ति दर्ज कराई थी.
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कोई बड़ी चीज रिपोर्ट नहीं हुई: ओपी रावत
चुनाव आयुक्तों की आपत्ति से जुड़े सवाल पर पूर्व CEC ओपी रावत ने कहा कि 'इंडियन एक्सप्रेस ने जो रिपोर्ट किया है, वह कोई बहुत बड़ी चीज नहीं है.'
विवाद कब खत्म होगा? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि 'अगर तीनों साथ बैठ जाते हैं और सारी गलतफहमियां सुलझा लेते हैं और मीडिया के जरिए बता देते हैं कि क्या गलतफहमी हो गई, क्या मुद्दा था तो ये तुरंत खत्म हो सकता है.'
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'दोनों साथ हैं तो फिर फैसला भी वही होगा'
अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि कई मुद्दों पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसे CEC ज्ञानेश कुमार ने नजरअंदाज कर दिया था. इसी बात को लेकर विवाद हो रहा है.
इस पर पूर्व CEC ओपी रावत ने कहा कि 'आपत्ति उन्हें दर्ज कराना ही नहीं है. अगर दोनों साथ में हैं तो वही फैसला होगा जो वे चाहते हैं. क्योंकि फैसला बहुमत के आधार पर होता है और उसी के हिसाब से कार्रवाई होती है.'
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