- प्रवर्तन निदेशालय ने इकबाल मिर्ची परिवार की करीब 700 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं
- मुंबई के वर्ली इलाके की तीन कीमती प्रॉपर्टी और दुबई की विदेशी संपत्तियों को ED ने अपने कब्जे में लिया है
- इकबाल मिर्ची पर संगठित अपराध, ड्रग तस्करी, उगाही और अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े मामले दर्ज हैं
मुंबई में अंडरवर्ल्ड और ड्रग तस्करी से जुड़े कुख्यात नाम इकबाल मिर्ची के परिवार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ED के मुंबई जोनल ऑफिस ने फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट (FEOA), 2018 के तहत करीब 700.27 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं.
इनमें मुंबई के वर्ली इलाके की तीन बेहद कीमती प्रॉपर्टी- राबिया मेंशन, मरियम लॉज और सी व्यू शामिल हैं, जिनकी कीमत करीब 497 करोड़ रुपये आंकी गई है. इसके अलावा दुबई में मौजूद करीब 203 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्तियों को भी ED ने अपने कब्जे में लिया है.
ED ने यह जांच मुंबई पुलिस में दर्ज कई पुराने मामलों के आधार पर शुरू की थी. इकबाल मिर्ची के खिलाफ MRA मार्ग पुलिस स्टेशन, येलोगेट पुलिस स्टेशन, बायकुला पुलिस स्टेशन, एंटी नारकोटिक्स सेल और DCB CID मुंबई में IPC, आर्म्स एक्ट, TADA और NDPS एक्ट के तहत कई गंभीर मामले दर्ज थे. जांच एजेंसी के मुताबिक इकबाल मिर्ची संगठित अपराध, ड्रग तस्करी, उगाही और अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़ा हुआ था और इन अपराधों से भारी मात्रा में काली कमाई की गई.
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जांच में क्या-क्या सामने आया?
ED की जांच में सामने आया कि इस काले धन को भारत और विदेशों में प्रॉपर्टी खरीदकर सफेद किया गया. जांच के दौरान पता चला कि वर्ली की ये प्राइम प्रॉपर्टीज मूल रूप से सर मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट की थीं, जिन्हें साल 1986 में M/s Rockside Enterprises के जरिए महज 6.5 लाख रुपये में खरीदा गया था. कागजों में प्रॉपर्टी ट्रस्ट के नाम पर रही, लेकिन असली नियंत्रण इकबाल मिर्ची और उसके परिवार के पास था.

ED का आरोप है कि ट्रस्ट ने इकबाल मिर्ची के साथ मिलकर अदालत में गलत जानकारी दी और कई महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए ताकि पहले की अटैचमेंट कार्रवाई से इन संपत्तियों को बचाया जा सके.
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दुबई में खरीदी गई कई संपत्तियां
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अपराध की कमाई से दुबई में होटल मिडवेस्ट अपार्टमेंट, कॉर्पोरेट बे और DEC टावर्स में 14 रियल एस्टेट यूनिट खरीदी गईं. ये संपत्तियां आसिफ इकबाल मेमन और उसके परिवार के नाम पर ली गई थीं. ED ने इस मामले में PMLA कोर्ट मुंबई में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट और सप्लीमेंट्री कंप्लेंट दाखिल की है, जिसमें आसिफ इकबाल मेमन, जुनैद इकबाल मेमन, हाजरा इकबाल मेमन समेत कई लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी बनाया गया है.
विशेष PMLA कोर्ट ने 26 फरवरी 2021 को आसिफ इकबाल मेमन, जुनैद इकबाल मेमन और हाजरा इकबाल मेमन को फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर घोषित किया था. ED का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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