प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में कथित निवेश घोटाले से जुड़े मामले में 7 अगस्त को बेलगावी, चिक्कोडी और निपानी में कई ठिकानों पर छापेमारी की. ये कार्रवाई Shivam Associates, शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर और उनसे जुड़े अन्य लोगों और संस्थाओं के परिसरों पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई. ED की जांच बेलगावी सिटी के मालामारुति पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी.
इस FIR में Banning of Unregulated Deposit Schemes Act, 2019 और Karnataka Protection of Interest of Depositors in Financial Establishments Act, 2004 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
आरोप है कि लोगों को निवेश के बदले असामान्य रूप से ज्यादा और तय रिटर्न देने का भरोसा देकर उनसे बड़ी रकम निवेश कराई गई. ED की शुरुआती जांच में सामने आया है कि Shivam Associates और उससे जुड़े लोगों और कंपनियों ने बड़ी संख्या में निवेशकों से भारी रकम जुटाई. जांच एजेंसी के मुताबिक, शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर लोगों को निवेश या जमा रकम पर हर महीने 3 फीसदी रिटर्न देने का लालच देता था. इसी भरोसे पर बड़ी संख्या में लोगों से पैसा लिया गया.
ईडी क्या कहती है?
ED के मुताबिक, अब तक की जांच में करीब ₹2,110.97 करोड़ की रकम जनता से जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है. वहीं, सर्च के दौरान उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर करीब ₹333.89 करोड़ की रकम निवेशकों को वापस किए जाने की जानकारी मिली है.
जांच में यह भी सामने आया है कि लोगों को निवेश के लिए तैयार करने वाले कमीशन एजेंटों को कथित तौर पर 0.5 फीसदी कमीशन दिया जाता था. यानी लोगों को इस निवेश योजना में पैसा लगाने के लिए तैयार करने के लिए बाकायदा एक नेटवर्क के जरिए कमीशन दिए जाने की बात सामने आई है.
ED ने जांच के दौरान कई लोगों और संस्थाओं के बीच वित्तीय संबंधों का पता लगाया है. इनमें Shivam Associates, Shivanand Siddappa Neelannavar, Subhash Ramagouda Nandargi, Mahesh S Neelannavar, Shivam Productions, Shivam Lifeline Pvt. Ltd., Shivam Sevaa (OPC) Pvt. Ltd. और अन्य संबंधित व्यक्ति और संस्थाएं शामिल हैं.
जांच एजेंसी के मुताबिक, इन लोगों और संस्थाओं के बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच में पैसों की आवाजाही का एक आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क सामने आया है.
निवेशकों से जुटाई गई रकम को अलग-अलग बिजनेस अकाउंट, निजी खातों और बिचौलियों के खातों के जरिए ट्रांसफर किए जाने के संकेत मिले हैं.
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का वास्तविक इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया. इसके अलावा रकम को अलग-अलग खातों और संस्थाओं के जरिए घुमाने, दूसरी जगह लगाने और संपत्तियों में निवेश करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है.
छापेमारी में दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद
ED की छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं. एजेंसी के मुताबिक, बरामद दस्तावेजों और डिजिटल डाटा से पैसे की उत्पत्ति, उसके ट्रांसफर, लेयरिंग और अलग-अलग जगहों पर पार्क किए जाने से जुड़े सुराग मिले हैं.
ED अब बरामद दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की विस्तृत जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि करीब ₹2,110 करोड़ की जुटाई गई रकम में से कितना पैसा कहां गया, किन खातों में ट्रांसफर हुआ, किन संपत्तियों में लगाया गया और करीब ₹1,777 करोड़ की कथित अनट्रेस्ड रकम का वास्तविक ठिकाना क्या है. ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है.
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