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Hashpe क्रिप्टो स्कैम में ED का बड़ी एक्शन, 146 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले में दो आरोपी और गिरफ्तार

Hashpe क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड मामले में ED ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी का आरोप है कि Hashpe प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 146 करोड़ रुपये जुटाए गए.

Hashpe क्रिप्टो स्कैम में ED का बड़ी एक्शन, 146 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले में दो आरोपी और गिरफ्तार
Hashpe Scam में ईडी ने दो आरोपी गिरफ्तार किए
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  • ED ने Hashpe क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड मामले में सैयद उस्मान और धामोदरन बालचंद्रन को गिरफ्तार किया है
  • Hashpe नामक निवेश योजना में निवेशकों को TCX क्रिप्टोकरेंसी में भारी मुनाफे का लालच दिया गया था
  • निवेशकों को जोड़ने के लिए रेफरल कमीशन और सेलिब्रिटी प्रमोशन के जरिए निवेशकों को आकर्षित किया गया था

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने Hashpe क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ED के चेन्नई जोनल टीम ने सैयद उस्मान उर्फ बाबू और धामोदरन बालचंद्रन को 22 सितंबर को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया. दोनों को PMLA की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने दोनों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. ED ने यह कार्रवाई पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच में की है. इस FIR में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS और आईटी एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.

निवेश प्लान के नाम पर चल रहा था खेल

ED की जांच में सामने आया कि Hashpe के नाम पर एक ऐसा निवेश प्लान चलाया जा रहा था, जिसे क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर पेश किया गया था. जांच एजेंसी के मुताबिक, निवेशकों को Hashpe प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया. इसके लिए TCX नाम की कथित क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया गया. लोगों को भरोसा दिलाया गया कि TCX में निवेश करने से उन्हें आकर्षक रिटर्न मिलेगा. इसके बाद निवेशकों से बैंक ट्रांसफर, क्रिप्टोकरेंसी और कैश के जरिए पैसा लिया गया.

ED के मुताबिक, इस पूरे निवेश प्लान को असली और भरोसेमंद दिखाने के लिए बाकायदा लॉन्च इवेंट और कार अवॉर्ड सेरेमनी आयोजित की गई. इन कार्यक्रमों में बॉलीवुड से जुड़े सेलिब्रिटीज को भी शामिल किया गया, ताकि लोगों के बीच Hashpe की विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके और ज्यादा से ज्यादा निवेशक इस स्कीम से जुड़ें.

रेफरल स्कीम का दिया जाता था लालच

जांच में यह भी सामने आया कि निवेशकों को जोड़ने के लिए रेफरल कमीशन का लालच दिया जाता था. सोशल मीडिया के जरिए Hashpe का प्रचार किया गया और मुंबई में क्रूज शिप पर भी एक इवेंट आयोजित किया गया. इन तमाम तरीकों के जरिए लोगों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि Hashpe एक बड़ा और वैध क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म है. ED की जांच के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क के जरिए निवेशकों से करीब 146 करोड़ रुपये जुटाए गए. एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि निवेशकों से मिले इस पैसे को किस तरह अलग-अलग खातों और संपत्तियों में ट्रांसफर किया गया और आखिरकार पैसा कहां-कहां पहुंचा.

जांच एजेंसी के मुताबिक, सैयद उस्मान, इमरान बाशा और उनके सहयोगियों ने इस कथित निवेश योजना को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई. सैयद उस्मान पर बड़ी मात्रा में कैश निवेश संभालने का आरोप है. इसके अलावा वह Hify Circle के नाम से चल रहे बैंक खाते के संचालन से भी जुड़ा था. ED के मुताबिक, इस खाते का इस्तेमाल निवेशकों से पैसा हासिल करने के लिए किया गया.

वहीं, धामोदरन बालचंद्रन की भूमिका Hashpe के तकनीकी हिस्से से जुड़ी बताई गई है. ED के मुताबिक, वह Hashpe का सॉफ्टवेयर और डेटाबेस संभालता था. इसके साथ ही कथित क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ऑपरेशन और प्लेटफॉर्म के वॉलेट फंक्शन को भी मैनेज करता था.

ED की जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि निवेशकों से हासिल रकम  को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय अलग-अलग खातों और माध्यमों के जरिए घुमाया गया. पैसा सैयद उस्मान, धामोदरन, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में भेजे जाने का आरोप है.

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पैसे का इस्तेमाल क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के साथ-साथ अचल संपत्तियां खरीदने में भी किया गया. ED अब इन पैसों के लेन-देन, बैंक खातों, क्रिप्टो वॉलेट और खरीदी गई संपत्तियों की जांच कर रही है, ताकि कथित मनी ट्रेल को पूरी तरह सामने लाया जा सके.

ED पहले भी कर चुकी है कार्रवाई

इस मामले में ED पहले भी कार्रवाई कर चुकी है. 1 सितंबर 2026 को चेन्नई, कोयंबटूर और कोलकाता में 11 ठिकानों पर तलाशी ली गई थी. इस कार्रवाई के बाद इमरान बाशा और हितेश कुमार को गिरफ्तार किया गया था। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. अब सैयद उस्मान और धामोदरन की गिरफ्तारी के बाद ED इस कथित क्रिप्टो फ्रॉड के पूरे नेटवर्क और 146 करोड़ रुपये के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. मामले में आगे की जांच जारी है.

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