टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का भविष्य बीसीसीसआई के साथ सिर्फ सात दिन का बचा है! सितंबर का महीना खत्म होने के साथ ही अगरकर का बोर्ड के साथ अनुबंध खत्म हो हो जाएगा. और जो हालात पिछले दिनों रोहित शर्मा को लेकर पैदा हुए, उसके बाद तो यही खबरें आ रही हैं कि बोर्ड वर्तमान चीफ सेलेक्टर का कार्यकाल बढ़ाने नहीं जा रहा. और कुछ दिन पहले आईं खबरों के अनुसार पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा का नाम पहले से ही रेस में आगे चल रहा है. बहरहाल, बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया ने बुधवार को कहा कि बोर्ड के पास 4 अक्टूबर तक पर्याप्त समय है. और इस पर कोई भी फैसला उसके बाद लिया जाएगा. वैसे अगरकर ने 18 सितंबर को बीसीसीआई को सूचित कर दिया था कि वह भारतीय पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अपने तीन साल के अनुबंध को आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं
सैकिया ने कहा, 'जहां तक अजित आगरकर का सवाल है, उनका कार्यकाल 4 अक्टूबर को समाप्त होने जा रहा है और तब तक हमारे पास पर्याप्त समय है. 4 अक्टूबर के बाद जो पद खाली होगा, उसे लेकर हम एक फैसला लेने जा रहे हैं. बीसीसीआई द्वारा कोई भी निर्णय लिए जाने के बाद हम निश्चित रूप से इसकी घोषणा सार्वजनिक डोमेन में करेंगे.' बोर्ड सचिव ने उम्मीद जताई कि भारतीय पुरुष टीम महिला टीम के उस कारनामे को दोहराएगी, जिसने जापान में एशियाई खेलों की क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था.
सैकिया ने कहा, 'हमें बहुत गर्व है. देश उनकी शानदार जीत का जश्न मना रहा है. महिला टीम ने वाकई बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और वे एक साल से अधिक समय से अपने जीत के सिलसिले को जारी रखे हुए हैं. जहां तक पुरुष टीम का सवाल है, हम 28 सितंबर से अपना अभियान शुरू कर रहे हैं और फाइनल मैच 3 अक्टूबर को है. हमें उम्मीद है कि पुरुष टीम भी उसी रास्ते पर चलेगी जो महिला टीम ने जापान में तय किया है. मुझे उम्मीद है कि देश को 3 अक्टूबर को जश्न मनाने का एक और सुनहरा अवसर मिलेगा.'
क्या चीफ सेलेक्टर होगा कोई चौंकाने वाला नाम?
पिछले दिनों चीफ सेलेक्टर पद की रेस के लिए पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा के नाम साने आए थे. लेकिन इन दोनों में से कोई बने, यह जरूरी नहीं है. पार्थिव के मामले में वजह यह है कि वह कमेंट्री और आईपीएल में कोचिंग के काम से ही साल भर में करोड़ों रुपये की कमाई कर रहे हैं. ऐसे में सवाल यह है कि क्या पीसीसीआई उन्हें चीफ सेलेक्टर बनाने के लिए सालाना सैलरी से अलग पटेल को हर साल क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करेगा? ऐसे में पार्थिव की सालाना सैलरी करीब दस करोड़ रुपये हो जाएगी, जो चीफ सेलेक्टर पद को देखते हुए कहीं ज्यादा है. वहीं, प्रज्ञान ओझा का प्रोफाइल अगरकर जैसा नहीं है. अगरकर ने चयन के पैमाने खासे ऊंचे किए हैं, तो वहीं उन्होंने कोई भी फैसला लेने में किसी भी खिलाड़ी की प्रोफाइल की परवाह नहीं की. इसमें सबसे ताजा मामला रोहित शर्मा का है. और ये तमाम हालात मिलाकर यही इशारा कर रहे हैं कि अगर कोई चौंकाने वाला या चर्चा से कहीं परे कोई नाम चीफ सेलेक्टर बन जाता है, तो यह चौंकाने वाला बात नहीं ही होगी.
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