पेड़ टूटे, छप्पर उड़े, दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड इक्विपमेंट उड़कर विमानों से टकराए... दिल्ली एनसीआर में मंगलवार को धूल भरी आंधी के बीच हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोग सहम गए. पूसा में हवा की रफ्तार दिल्ली में कई जगह 128 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही थीं. वहीं, पालम एयरपोर्ट में 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफान आया. ऐसा लगा कि धूल का बवंडर सबकुछ अपने साथ उड़ा ले जाएगा. हालांकि, मौसम विभाग की मानें तो ये दिल्ली में आया अब तक का सबसे भयंकर आधी-तूफान नहीं था. दिल्ली में साल 1991 में इससे भी भयंकर आंधी तूफान आया था, जिससे काफी नुकसान हुआ था.
25 साल के रिकॉर्ड की बराबरी
दिल्ली एनसीआर में मंगलवार शाम बारिश के साथ जबरदस्त धूल भरी आंधी चली. मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आया, तो दिल्लीवालों को चिलचिलाती धूप से राहत मिली. लेकिन शाम को करीब 6:50 बजे से 6:52 बजे के बीच चली धूल भरी आंधी ने लोगों को डरा दिया. धूल भरी हवाओं, बिजली कड़कने और कहीं-कहीं बारिश के साथ इस तूफानी मौसम ने काफी नुकसान पहुंचाया. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देर शाम पूसा में हवा की सबसे रफ्तार की 128 किमी/घंटा दर्ज की गई, जबकि पालम में हवा की गति 120 किमी/घंटा तक दर्ज की गईं, जो 25 साल पुराने रिकॉर्ड के बराबर है. दिल्ली में 4 जून 2001 में भी ऐसे ही आंधी-तूफान आया था, तब भी हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रतिघंटा थी.

मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली में मंगलवार को आई धूल भरी आंधी ने कई रिकॉर्ड बनाए हैं. हालांकि, दिल्ली में इससे पहले भी इससे तेज आधी-तूफान आ चुका है. पुराने आंकड़े बताते हैं कि पहले के दशकों में इससे भी तेज हवाएं चली थीं.
दिल्ली में कब-कब रिकॉर्ड आंधी-तूफान
- मई 1991 में 147 किमी प्रति घंटा
- मई 1989 में 145 किमी प्रति घंटा
- जून 1997 में 139 किमी प्रति घंटा
- जून 1988 में 126 किमी प्रति घंटा
दिल्ली की आंधी तूफान का पाकिस्तान कनेक्शन
पालम के अलावा, दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर भी तेज हवाएं चलीं. सफदरजंग में हवा की गति 64 किमी प्रति घंटा, जाफरपुर में 59 किमी प्रति घंटा, छतरपुर में 56 किमी प्रति घंटा, पीतमपुरा में 35 किमी प्रति घंटा, लोदी रोड में 31 किमी प्रति घंटा और जनकपुरी में 30 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई. मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान लगाया था कि उत्तर-पश्चिमी भारत में मौसम के अनुकूल हालात बनने के कारण दिल्ली-NCR, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों ने खराब मौसम की वजह मध्य पाकिस्तान और उसके आस-पास के इलाकों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन को बताया है. तेज गर्मी और अरब सागर से आने वाली नमी के मेल से उत्तर-पश्चिमी भारत में भीषण आंधी-तूफान के लिए अनुकूल हालात बने हैं.

आज और कल भी दिल्ली-NCR में बारिश
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 11 जून से दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में प्री-मानसून की बारिश हो सकती है. बारिश होने से आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने की उम्मीद है, जिससे हीटवेव जैसे हालात से काफी राहत मिलेगी. बुधवार के लिए, IMD ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई है. अधिकतम और न्यूनतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है.
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