- उत्तराखंड के देहरादून में टोंस नदी पर 16 करोड़ रुपये kr लागत से बने नए पुल का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है
- पुल के बीचों-बीच गड्ढा बनने से यातायात बंद कर दिया गया और ग्रामीण क्षेत्रों का राजधानी से संपर्क टूट गया है
- पुल 12 जुलाई को खोला गया था, लेकिन 17 दिनों में ही बारिश के कारण इसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि साल भर में करोड़ों की लागत से तैयार हुआ टोंस नदी के नवनिर्मित पुल ने बारिश और उफनती नदी के आगे जवाब दे दिया. नंदा की चौकी प्रेमनगर में पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया और पुल के बीचों-बीच विशाल गड्ढा बन गया. इस खौफनाक मंजर के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. वहीं मौके पर हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल यातायात रोक दिया, पुल पर बैरिकेडिंग के जरिए लोगों को आवाजाही ना करने की सलाह दी जा रही है, जबकि सुबह सवेरे हुए हादसे के बाद ग्रामीण क्षेत्रों का राजधानी देहरादून से संपर्क पूरी तरह टूट गया है. हालांकि, सरकार ने कहा कि पुल नहीं टूटा है, पुल क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है. उसकी अप्रोच धंस गई है.
सरकार का जवाब
राज्य के PWD सचिव पंकज पांडेय ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि पानी का बहाव ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए सिंचाई विभाग की टीम बुलाई गई है. उन्होंने कहा कि जो स्ट्रक्चर हमने बनाया है उसमें कोई समस्या नहीं आई है. ज्यादा बारिश के कारण उसकी वजह से पानी का बहाव उस तरफ चला गया. इसी वजह से नीचे की मिट्टी निकल गई. जिसके कारण अप्रोच रोड धंस गई.
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#WATCH | Dehradun, Uttarakhand | On a portion of the newly constructed bridge caving in between Prem Nagar and Nanda Ki Chowki on the Dehradun-Paonta Sahib Highway, Pankaj Pandey, Secretary of the PWD Uttarakhand Government, says, "...I would like to clarify that the bridge… pic.twitter.com/uxOTx62rLn
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 28, 2026
16 करोड़ रुपये में बने पुल में बड़ा गड्ढा
चोंस नदी के पुलिस को 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था. इस पुल को हालही में लोगों की आवाजाही के लिए खोला गया था. लेकिन पहली ही बरसात ने इसकी गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है. पुल का एक बड़ा हिस्सा बारिश की वजह से धंस गया है. प्रेमनगर से देहरादीून जाने वालों के लिए ये पुल ही शॉर्ट और अच्छा विकल्प है, जो अब बंद हो गया है. 12 जुलाई से ही इस नवनिर्मित मुख्य पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू कहुई थी, लेकिन 17 दिनों में ही पुल का हिस्सा धंस गया है.
पुल में गड्ढा, बड़ा हादसा टला
उफनती टौंस नदी के ऊपर धंसे हुए पुल को जिसने भी देखा उसकी सांसें थम गईं. मजबूत दिखने वाला पुल कुछ ही पलों में धंस गया. पुल के बीच बना विशाल गड्ढा वहां से गुजरने वाले वाहन या राहगीर के लिए मौत की वजह बन सकता था. गनीमत रही कि घटना के समय कोई वाहन पुल के उस हिस्से के ऊपर से नहीं गुजर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था.
देहरादून से कई गांवों का कनेक्शन कटा
मॉनसून की बारिश में पुल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. उनका कहना है कि जिस पुल से सालों की परेशानी खत्म होने की उम्मीद थी, वही पुल अब लोगों के लिए डर और अनिश्चितता की वजह बन गया है. पुल बंद होने से ग्रामीणों को मजबूरन लंबा वैकल्पिक रास्ता लेना पड़ रहा है. इससे रोजमर्रा की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है.वहीं कांग्रेस नेता आर्येंद्र शर्मा ने भी सरकार और ठेकेदार पर निशाना साधते हुए मामले में भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी की मांग की है.
पुल निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
फिलहाल पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है और संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर रहा है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ बेकाबू बारिश का असर है या फिर निर्माण की मजबूती पर गंभीर सवाल उठाने वाली चेतावनी? जांच के बाद ही इसकी असली वजह साफ हो सकेगी, लेकिन फिलहाल टौंस नदी पर बना यह पुल लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि चिंता का बड़ा कारण बन गया है.
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