दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रहने वालों के लिए मेट्रो सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट नहीं, बल्कि उनकी लाइफलाइन बन चुकी है. सड़कों पर घंटों के लंबे ट्रैफिक जाम से बचाकर कुछ ही मिनटों में मंजिल तक पहुंचाने वाली इस चमचमाती ट्रेन में हम सब अक्सर सफर करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी अपनी सीट पर बैठे हुए यह सोचा है कि जिस शानदार, फुली एयर-कंडीशन कोच (डिब्बे) में आप सफर कर रहे हैं, उसे बनाने में कितना खर्च आता है?
यह कोई साधारण रेल का डिब्बा नहीं, बल्कि हाई-टेक फीचर्स से लैस एक चलता-फिरता टेक्नोलॉजी हब होता है. इसकी कीमत जानने के बाद अगली बार जब आप मेट्रो में कदम रखेंगे, तो उसे देखने का आपका नजरिया पूरी तरह बदल जाएगा.
एक मेट्रो कोच को बनाने में लगते हैं इतने करोड़ रुपये!
आपको जानकर हैरानी होगी कि मेट्रो के सिर्फ एक कोच (Single Coach) को तैयार करने की औसतन लागत 10 करोड़ से 15 करोड़ रुपये तक आ सकीती है. यानी अगर एक पूरी मेट्रो ट्रेन 6 डिब्बों की है, तो उसकी कीमत करीब ₹60 करोड़ से ₹90 करोड़ रुपये के बीच बैठती है.
इतिहास पर नजर : भारत में सबसे पहली मेट्रो सेवा साल 1984 में कोलकाता में शुरू हुई थी, जिसे भारतीय रेलवे ने विदेशी तकनीक की मदद से तैयार किया था. इसके बाद साल 2002 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली में शाहदरा से तीस हजारी के बीच पहली हाई-टेक मेट्रो लाइन का उद्घाटन किया. उस समय दिल्ली मेट्रो (DMRC) के शुरुआती 16 एडवांस कोच खास तौर पर साउथ कोरिया से मंगाए गए थे.
आखिर क्यों इतनी महंगी होती है मेट्रो?
एक सामान्य ट्रेन के मुकाबले मेट्रो कोच की कीमत ज्यादा होने के पीछे उसमें इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय तकनीक है. प्रत्येक कोच में ये चीजें शामिल होती हैं:
ऑटोमैटिक डोर सिस्टम: जो सिग्नल और प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स से सिंक होकर काम करते हैं.
स्मार्ट सेफ्टी फीचर्स: एडवांस सीसीटीवी कैमरे और रियल-टाइम फायर डिटेक्शन व सेफ्टी सिस्टम.
मजबूत और ऑल-वेदर बॉडी: हर मौसम को झेलने के लिए हाई-ग्रेड स्टेनलेस स्टील और कंपोजिट एल्युमीनियम का इस्तेमाल.
रीजनरेटिव ब्रेकिंग: ब्रेक लगाने पर बिजली पैदा करने वाली मॉडर्न मोटर तकनीक.
इतना महंगा क्यों है मेट्रो कोच? |
|---|
| – हाई-टेक सेफ्टी सिस्टम |
| – ऑटोमैटिक डोर |
| – बिजली बचाने वाली टेक्नोलॉजी |
| – हर मौसम में चलने वाली बॉडी |
अब भारत में ही बन रहे हैं कोच: देखें कौन सी कंपनी कितने में बनाती है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' (Make in India) मिशन के तहत अब देश की 75% से अधिक मेट्रो का निर्माण भारत में ही बेंगलुरु, कोलकाता और श्री सिटी (आंध्र प्रदेश) जैसी जगहों पर स्थित अत्याधुनिक फैक्ट्रियों में हो रहा है.
मेट्रो कोच की कीमत इस बात पर तय होती है कि आर्डर कितना बड़ा है और उसमें कितने सालों का मेंटेनेंस शामिल है. अलग-अलग कंपनियों की अनुमानित रेट लिस्ट इस प्रकार है:
मेट्रो कोच निर्माता कंपनी | प्रति कोच अनुमानित लागत (INR) |
|---|---|
| BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) | लगभग ₹9.99 करोड़ |
| Alstom Transport India (एल्सटॉम) | लगभग ₹12.2 करोड़ से ₹14.3 करोड़ |
| Titagarh Rail Systems (टीटागढ़) | लगभग ₹14.74 करोड़ |
| CAF (स्पैनिश कंपनी) | लगभग ₹14.96 करोड़ |
प्रमाणित और आधिकारिक संदर्भ (Official References)
- https://www.bemlindia.in/rail-metro
- https://www.pib.gov.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=185919
- https://www.alstom.com/
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