दिल्ली में शहरी सुविधाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने सोमवार को विभिन्न विभागों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में तेजी से विकसित हो रहे नरेला क्षेत्र की सुरक्षा, राजधानी में पार्किंग की समस्या, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, फायर सेफ्टी व्यवस्था और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए स्थान निर्धारण जैसे विषय प्रमुखता से उठाए गए. उपराज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि जिन मामलों में एक से अधिक एजेंसियों की भूमिका है, वहां अलग-अलग काम करने के बजाय समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर तेजी से परिणाम दिखाने और लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. बैठक में दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली फायर सर्विस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
नरेला में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
बैठक में तेजी से विकसित हो रहे नरेला क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया. उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को वहां अपनी मौजूदगी बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही दिल्ली नगर निगम (MCD) को नरेला में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई. अधिकारियों ने माना कि विकास गतिविधियों में तेजी के साथ सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना भी जरूरी है. इसी उद्देश्य से विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया.
Chaired a coordination meeting between GNCTD, @DelhiPolice, @official_dda, @MCD_Delhi and @DelFireService today.
— LG Delhi (@LtGovDelhi) August 24, 2026
Emphasised the need for a “whole of government” approach, with all agencies working in close coordination rather than in silos, particularly on matters requiring… pic.twitter.com/iqzB1cSoYQ
बंद पड़ी पार्किंग सुविधाओं को किया जाएगा चालू
दिल्ली में बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग की समस्या भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रही. उपराज्यपाल ने निर्देश दिए कि शहर में मौजूद लेकिन लंबे समय से उपयोग में नहीं लाई जा रही पार्किंग साइट्स को जल्द से जल्द चालू किया जाए. उन्होंने नई मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि उपलब्ध पार्किंग ढांचे का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि सड़क किनारे अनियंत्रित पार्किंग की समस्या को कम किया जा सके.
अतिक्रमण हटाने पर संयुक्त कार्रवाई
बैठक में एमसीडी और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के बीच अतिक्रमण विरोधी अभियानों की समीक्षा भी की गई. उपराज्यपाल ने कहा कि अतिक्रमण हटाने से जुड़े मामलों में सभी संबंधित एजेंसियां साझा रणनीति बनाकर कार्रवाई करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी एक-दूसरे से जुड़ती है, वहां समन्वित प्रयासों से ही बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.
फायर सेफ्टी तैयारियों की समीक्षा
दिल्ली में बढ़ती आबादी और वाणिज्यिक गतिविधियों को देखते हुए फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी चर्चा हुई. उपराज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि अग्निशमन सुरक्षा से संबंधित मानकों के पालन और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत किया जाए. उन्होंने विभिन्न एजेंसियों को मिलकर ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने को कहा जहां फायर सेफ्टी व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है.
स्ट्रीट वेंडर्स के लिए स्थान चिन्हित होंगे
बैठक में स्ट्रीट वेंडर्स से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ. एमसीडी को निर्देश दिया गया कि वेंडर्स का सर्वेक्षण जल्द पूरा किया जाए और टाउन वेंडिंग कमेटियों का गठन किया जाए. इसके बाद रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के लिए निर्धारित स्थानों को चिन्हित किया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि इससे यातायात और अतिक्रमण संबंधी समस्याओं को कम करने के साथ-साथ वेंडर्स को भी व्यवस्थित स्थान उपलब्ध हो सकेगा.
स्कूलों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर
उपराज्यपाल ने स्कूलों में भी अधिकारियों, शिक्षकों और छात्रों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, पॉक्सो (POCSO) अधिनियम से जुड़ी जागरूकता और अन्य सुरक्षा कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से चलाया जाना चाहिए ताकि छात्रों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके.
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