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This Article is From Nov 26, 2025

पैसों के लिए गिड़गिड़ाता दिखा दिल्ली ब्लास्ट में शामिल आतंकी आदिल, एजेंसियों के हाथ लगी व्हाट्सएप चैट, 'ट्रेजरर' के नाम से था मशहूर

एजेंसियों को आशंका है कि पैसों की यह मांग धमाके की तैयारी से जुड़ी हो सकती है. दिल्ली ब्लास्ट में जिन 26 लाख रुपये का इस्तेमाल हुआ, उसमें आदिल ने 8 लाख रुपये दिए थे.

पैसों के लिए गिड़गिड़ाता दिखा दिल्ली ब्लास्ट में शामिल आतंकी आदिल, एजेंसियों के हाथ लगी व्हाट्सएप चैट, 'ट्रेजरर' के नाम से था मशहूर
  • दिल्ली ब्लास्ट केस में आदिल के फोन से डिलीट हुई व्हाट्सएप चैट्स एजेंसी के हाथ लगी हैं.
  • चैट्स में उसने बार-बार पैसों की मांग की है. एडवांस सैलरी और तत्काल ट्रांसफर के लिए संपर्कों से अनुरोध किया.
  • जांच एजेंसियों का शक है कि आदिल द्वारा मांगे गए पैसे धमाके की तैयारी में इस्तेमाल हुए होंगे.

दिल्ली ब्लास्ट केस में जांच एजेंसियों को आदिल के फोन से डिलीट की गई व्हाट्सएप चैट मिली है, जिसने धमाके की फंडिंग पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. इन चैट्स में आदिल बार-बार पैसों की मांग करता दिख रहा है. कभी एडवांस सैलरी, कभी तत्काल ट्रांसफर की गुहार. एजेंसियों को शक है कि यही रकम धमाके की तैयारी में इस्तेमाल हुई. दिल्ली ब्लास्ट में जिन 26 लाख रुपये का इस्तेमाल हुआ, उसमें आदिल ने 8 लाख रुपये दिए थे. पूछताछ में सामने आया कि आतंकी नेटवर्क में आदिल को 'ट्रेज़रर' कहा जाता था.

कब की हैं चैट्स?

चैट्स 5, 6, 7 और 9 सितंबर की बताई जा रही हैं. इनमें आदिल अपने संपर्कों से एडवांस सैलरी की गुहार लगाता है. एक चैट में आदिल लिखता है, 'गुड आफ्टरनून सर... मैंने सैलरी क्रेडिट करने के लिए रिक्वेस्ट की थी... पैसों की बहुत जरूरत है.' इसके बाद वह बार-बार आग्रह करता है कि पैसे उसके अकाउंट में डाल दिए जाएं.

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पैसों के लिए बेताबी

6 सितंबर को आदिल फिर लिखता है, 'गुड मॉर्निंग सर, आप कर दीजिए... आपका आभार रहेगा.'

7 सितंबर को, 'सर, सैलरी जल्द से जल्द चाहिए... पैसे चाहिए... प्लीज़.'

और 9 सितंबर को, 'प्लीज़ कल कर दीजिए... मुझे बहुत ज़रूरत है सर.'

जांच एजेंसियों का शक

एजेंसियों को आशंका है कि पैसों की यह मांग धमाके की तैयारी से जुड़ी हो सकती है. दिल्ली ब्लास्ट में जिन 26 लाख रुपये का इस्तेमाल हुआ, उसमें आदिल ने 8 लाख रुपये दिए थे. पूछताछ में मुज़म्मिल ने बताया कि आदिल को 'ट्रेज़रर' कहा जाता था, यानी वह फंड मैनेज करता था.

आगे की जांच जारी

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आदिल को पैसे किसने दिए और क्या यह रकम सीधे आतंकी नेटवर्क में गई. फिलहाल चैट्स को डिजिटल फॉरेंसिक टीम ने रिकवर किया है और इन्हें केस की अहम कड़ी माना जा रहा है.

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