- प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु सिन्हा घोष को सोना पप्पू केस में गिरफ्तारी किया है.
- सोना पप्पू का असली नाम बिश्वजीत पोद्दार है और वह कई गंभीर आपराधिक मामलों में फरार है.
- सोना पप्पू सिंडिकेट रियल एस्टेट में लोगों से जबरन वसूली और जमीन हड़पने के आरोपों में शामिल है.
कोलकाता के कुख्यात सोना पप्पू केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु सिन्हा घोष को गिरफ्तार कर लिया है. ईडी की ओर से बताया गया कि शांतनु सिन्हा को कई बार समन जारी किए गए थे, लेकिन वह लगातार पेश नहीं हो रहे थे, जिसके बाद उनके खिलाफ लुक‑आउट नोटिस भी जारी किया गया था.
सोना पप्पू केस दरअसल कोलकाता में जमीन हड़पने, जबरन वसूली और रियल एस्टेट से जुड़े बड़े वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों से जुड़ा है. सोना पप्पू का असली नाम बिश्वजीत पोद्दार है, जो कोलकाता का एक कुख्यात अपराधी बताया जाता है. उस पर हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट समेत 15 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं. फिलहाल वह फरार चल रहा है.
ईडी की जांच में सामने आया है कि सोना पप्पू और उसका सिंडिकेट निर्माण कार्य के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलता था और जबरन जमीनों पर कब्जा करता था. इस गिरोह पर करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन में शामिल होने और राजनेताओं तथा पुलिस अधिकारियों से मिलीभगत के आरोप भी लगे हैं. अप्रैल 2026 में ईडी की कोलकाता यूनिट ने आनंदपुर, अलीपुर और बालीगंज समेत कई इलाकों में सोना पप्पू से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. जांच के दौरान कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु सिन्हा की संलिप्तता के सबूत मिलने के बाद ईडी ने यह गिरफ्तारी की है.
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