- CRPF के डायरेक्टर जनरल ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने जवानों से निडर होकर ड्यूटी करने की बात कही
- उन्होंने कहा कि जवानों द्वारा लिए गए जायज फैसलों की पूरी जिम्मेदारी उनकी होगी और जवाबदेही भी उनकी होगी
- CJP प्रोटेस्ट में पुलिस और सुरक्षा बलों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोप लग रहे हैं
दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों के जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों पर विवाद बढ़ता जा रहा है. ये मुद्दा संसद में भी जोर शोर से उठ रहा है. इस बीच सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के डायरेक्टर जनरल ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने अपने जवानों और अधिकारियों को यह भरोसा दिया कि ड्यूटी पर लिए गए हर सही फैसले पर वे उनके साथ खड़े रहेंगे. अगर बात जवाबदेही की आएगी, तो वे उसकी भी जिम्मदारी लेंगे.
जिम्मेदारी मैं लूंगा
उन्होंने कहा कि ऑप्रेशनल बटैलियंस हों, चाहे हमारी लॉ एंड ऑर्डर की यूनिट्स हों. आप सभी राष्ट्रहित में, जनहित में और बलहित में जो भी एक्शन लेते हैं, जो कि बोनाफाडिस्च्ज ऑफ ड्यूटी में है. उन सभी निर्णयों का और उन सभी एक्शंस का पूर्ण रूप से बल के प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी मैं लेता हूं. जो भी जिम्मेदारी लेनी होगी वो मैं लूंगा.
CRPF चीफ ने जवानों को दिया भरोसा
CRPF डायरेक्टर ने ये बात 27 जुलाई को सीआरपीएफ सम्मान समारोह में जवानों को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा, " आप लोग अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करते हुए जो भी जायज फैसले लेंगे या एक्शन लेंगे, उसकी जिम्मेदारी मैं लेता हूं." आप लोग बिना किसी डर के काम करें. फोर्स के सबसे बड़े अधिकारी के ऐसे शब्द हर जवान के लिए प्रेरणा और हौसला बढ़ाने वाले होते हैं. इनसे वर्दी पहने हर व्यक्ति को एक बड़े और सहयोगी परिवार का हिस्सा होने का एहसास होता है.
बिना डरे अपनी ड्यूटी करें
ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने जवानों से कहा कि वे बिना डरे अपनी ड्यूटी करें और जिम्मेदारी निभाने में जहा भी न हिचकें. जवानों की तरह से लिए गए किसी भी जायज एक्शन की जिम्मेदारी उनकी होगी. CRPF डायरेक्टर ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब कॉकरोच जनता पार्टी के 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के लिए उनकी आलोचना हो रही है. आरोप है कि सुरक्षा बलों ने छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया. विपक्ष इस मुद्दे को संसद में भी जोर शोर से उठा रहा है. वह जिम्मेदारों पर एक्शन की मांग कर रहा है.
पुलिस और सुरक्षाबलों के एक्शन पर सवाल
बता दें कि संसद चलो मार्च के दौरान बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के दौरान सुरक्षा बलों और छात्रों की झड़प हो गई थी. हालात को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और बल प्रयोग करना पड़ा. पुलिस पर पैलेट गन दागे जाने का भी आरोप लग रहा है. CRPF अधिकारी ने अपने जवानों के सब्र की भी तारीफ की. मुख्यालय की तरफ से फील्फ में तैनात जवानों को संदेश भेज मुश्किल हालात में तैनाती के दौरान उनके सब्र और सहनशक्ति की तारीफ की गई है. हालांकि ये भी साफ किया गया कि बिना वडह एक्शन लेने पर CRPF के नियमों और कानून के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी. इस बीच CRPF उन आरोपों की भी जांच कर रही है, जिसमें छात्र प्रोटेस्ट के दौरान जवानों द्वारा जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग की बात कही गई है.
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