Commonwealth Games 2026, July 30: Neeraj Chopra in focus: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो का मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है. इसमें हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का स्तर इतना ऊंचा है कि जानकार इसे ओलंपिक या वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल जैसा ही मान रहे हैं. यह मुकाबला मशहूर स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में होगा, जहां 14 देशों के 18 थ्रोअर खिताब जीतने के लिए मुकाबला करेंगे. जैवलिन थ्रो का मुकाबला का फाइनल दो चरणों में तय होगा. पहले क्वालिफिकेशन राउंड होंगे और फिर ग्रैंड फिनाले, जिसमें सबसे बेहतरीन थ्रो को गोल्ड मेडल दिया जाएगा. लेकिन इस रोमांच का के पहले क्या आपको पता हैं कि जैवलिन थ्रो के निमय क्या हैं.
क्वालिफिकेशन राउंड में के बाद फाइनल में 12 एथलिट पहुंचेंगे !
शुरुआती क्वालिफिकेशन राउंड में, अधिकारी एक खास टारगेट दूरी तय करते हैं, और कोई भी एथलीट जो इस ऑटोमैटिक क्वालिफाइंग मार्क को पार करता है, उसे तुरंत फाइनल का टिकट मिल जाता है. अगर 12 से कम कॉम्पिटिटर उस बेसलाइन तक पहुंचते हैं, तो बाकी स्लॉट अगले सबसे अच्छे परफॉर्मर से भरे जाते हैं, जब तक कि 12 फाइनलिस्ट का पूरा ग्रुप लॉक नहीं हो जाता.
फाइनल राउंड में क्या होता है?
फाइनल में पहुंचने के बाद, हर एथलीट को अपनी सबसे अच्छी दूरी दर्ज करने के लिए तीन शुरुआती प्रयास मिलते हैं. इन शुरुआती राउंड के बाद, खिलाड़ियों की संख्या कम कर दी जाती है और सिर्फ़ टॉप 8 खिलाड़ियों को तीन और थ्रो करने का मौका मिलता है.
गोल्ड मेडल कैसे दिए जाते हैं?
टॉप 8 खिलाड़ियों के सबसे लंबा वैलिड थ्रो करने वाले एथलीट को विजेता घोषित किया जाता है और उसे गोल्ड मेडल दे दिया जाता है.
अगर टाई हो जाए तो क्या होगा, किसे मिलेगा गोल्ड मेडल ?
टाई होने की स्थिति में, जिस एथलीट का दूसरा सबसे अच्छा थ्रो बेहतर होता है, उसे ऊंची रैंकिंग दी जाती है और गोल्ड मेडल दिया जाता है.
इन 5 एथलीट पर रहेगी नजर
गोल्ड मेडल के लिए होने वाली इस लड़ाई में दिग्गजों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा, जिसमें एशिया की मशहूर राइवलरी और एक जबरदस्त युवा वाइल्डकार्ड खिलाड़ी शामिल हैं.
रुमेश थरंगा पलट सकते हैं बाजी
श्रीलंका के शानदार खिलाड़ी रुमेश थरंगा पथिराज एक मजबूत दावेदार के तौर पर स्टेडियम में उतर रहे हैं. उन्होंने इस सीजन में 92.62 मीटर का जबरदस्त वर्ल्ड-लीडिंग थ्रो करके ग्लोबल सर्किट पर अपना दबदबा बनाया है.
अरशद नदीम पर रहेगी नजर
रुमेश थरंगा और नीरज चोपड़ा को पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम से कड़ी टक्कर मिलेगी, जो डिफेंडिंग कॉमनवेल्थ चैंपियन के तौर पर मैदान में उतर रहे हैं. उनके नाम बर्मिंघम गेम्स का 90.18 मीटर का रिकॉर्ड भी दर्ज है.
नीरज चोपड़ा के पास इतिहास दोहराने का मौका
इस मुकाबले में भारत के मशहूर और दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा भी शामिल हैं. 2018 गोल्ड कोस्ट में नीरज चोट के कारण गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे, लेकिन अब वे अपनी बादशाहत वापस पाने के लिए पूरी तरह फिट होकर लौटे हैं.
ग्रेनाडा के दो बार के पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पर भी रहेगी नजर
इस मुक़ाबले में ग्रेनाडा के दो बार के पूर्व वर्ल्ड चैंपियन एंडरसन पीटर्स और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के अनुभवी 2012 ओलंपिक चैंपियन केशोर्न वालकॉट की मौजूदगी से मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है. इनके साथ भारत के रोहित यादव जैसे खिलाड़ी भी चुनौती पेश करेंगे, जो अभी कॉमनवेल्थ सीज़न लीडर्स की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं.
CWG इवेंट्स में जैवलिन थ्रो कॉम्पिटिशन के फ़ॉर्मैट के अनुसार, अधिकारी क्वालिफाइंग राउंड शुरू होने से पहले एक तय क्वालिफ़ाइंग मार्क (योग्यता अंक) तय करते हैं और जो भी थ्रोअर इसे पार कर लेता है, वह सीधे फाइनल में पहुंच जाता है.अगर 12 से कम एथलीट यह मार्क हासिल करते हैं, तो फाइनल लिस्ट पूरी होने तक अगले सबसे अच्छे प्रदर्शन करने वालों को शामिल किया जाता है.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 नीरज चोपड़ा भाला फेंक के क्वालिफिकेशन राउंड
- मेंकैमरून मैकएंटायर (ऑस्ट्रेलिया)
- कीशॉन स्ट्रेचन (बहामास)
- बेन ईस्ट (इंग्लैंड)
- एंडरसन पीटर्स (ग्रेनेडा)
- नीरज चोपड़ा (भारत)
- रोहित यादव (भारत)
- यश वीर सिंह (भारत)
- एल्विस ग्राहम (जमैका)
- जूलियस येगो (केन्या)
- चिनेचेरेम नन्नमदी (नाइजीरिया)
- अरशद नदीम (पाकिस्तान)
- मुहम्मद यासिर (पाकिस्तान)
- लैकोना गेरेगा (पापुआ न्यू गिनी)
- डौ स्मिट (साउथ अफ्रीका)
- रुमेश थरंगा पथिरागे (श्रीलंका)
- सुमेधा रणसिंघे (श्रीलंका)
- केशोर्न वालकॉट (त्रिनिदाद और टोबैगो)
- उसुफ़ोनो एनेली (तुवालु)
नीरज चोपड़ा कैसे जीत सकते हैं गोल्ड मेडल
नीरज चोपड़ा गोल्ड मेडल तभी जीतेंगे जब वो अपना सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस देने में सफल रहे. फाइनल में उन्हें लंबी वैध थ्रो करके अरशद नदीम और रूमेश पथिराज को पीछे छोड़ना होगा. पाकिस्तान के अरशद नदीम ओलिंपिक और CWG चैंपियन हैं तथा 92.97 मीटर का एशियाई रिकॉर्ड रखते हैं.श्रीलंका के रूमेश थरंगा पथिराज ने इस सीज़न 92.62 मीटर की विश्व स्तरीय थ्रो की है और वे भी बड़े दावेदार हैं. दूसरी ओर नीरज 90.23 मीटर का थ्रो करके राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुके हैं. ऐसे में गोल्ड के लिए इन तीनों के बीच यह जंग काफी दिलचस्प होगी.
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