- भारत में 1 GB डेटा की कीमत अब 10 रुपये से भी कम है, जो दुनिया में सबसे सस्ता इंटरनेट साबित होती है
- NFHS-6 के अनुसार 36 प्रतिशत महिलाओं और 20 प्रतिशत पुरुषों ने कभी इंटरनेट का उपयोग नहीं किया
- 15 से 49 वर्ष की आयु वर्ग में केवल 63.6 प्रतिशत महिलाओं के पास अपना मोबाइल फोन है
भारत में 1 GB डेटा अब एक पानी की बोतल से भी ज्यादा सस्ता है. एक समय भारत में 1GB डेटा की कीमत 269 रुपये थी. लेकिन आज 10 रुपये से भी कम में 1 GB डेटा मिल जाता है. इस कारण दुनिया में सबसे सस्ता इंटरनेट भारत में ही है.
लेकिन इसी सस्ते इंटरनेट वाले भारत में अब भी एक बहुत बड़ी आबादी ऐसी है, जिन्होंने कभी इंटरनेट नहीं चलाया. भारत में आज भी हर 100 में 36 महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने कभी इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं किया. वहीं, हर 100 में से लगभग 20 पुरुषों ने कभी इंटरनेट नहीं चलाया.
ये आंकड़े हाल ही में आई नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की 2023-24 की रिपोर्ट यानी NFHS-6 में सामने आए हैं. इसी सर्वे से पता चलता है कि भारत में आज भी बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं, जिनके पास अपना मोबाइल फोन नहीं है.
NFHS-6 का डेटा बताता है कि 15 से 49 साल की 63.6% भारतीय महिलाएं ही ऐसी हैं, जिनके पास अपना खुद का मोबाइल फोन है. इनमें 77.6% महिलाएं शहरों और 57.4% गांवों में रहती हैं. इसका मतलब हुआ कि अब भी 36.4% महिलाओं के पास अपना मोबाइल फोन नहीं है.
हालांकि, 2019-21 में हुए NFHS-5 सर्वे की तुलना में 2023-24 में हालात काफी सुधरे हैं. NFHS-4 के समय लगभग 54% महिलाओं के पास अपना फोन था. 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 64 फीसदी पहुंच गया है.
इंटरनेट से कितनी दूर महिलाएं?
भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. 2019-21 की तुलना में 2023-24 में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालीं महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी बढ़ गई है. 2019-21 में 33.3% महिलाएं ही ऐसी थीं, जिन्होंने इंटरनेट इस्तेमाल किया था. 2023-24 में 64.3% महिलाओं बताया कि उन्होंने कभी न कभी इंटरनेट जरूर चलाया है.
सस्ते इंटरनेट और सस्ते स्मार्टफोन के दौर में भी कई महिलाएं इंटरनेट से दूर हैं. शहरों की तुलना में गांवों में ऐसी महिलाएं ज्यादा हैं.

NFHS-6 के मुताबिक, शहरों में रहने वालीं 22.7% और गांवों में रहने वालीं 41.4% महिलाओं ने कभी इंटरनेट नहीं चलाया. इसी तरह शहरों में रहने वाले 12.9% और गांवों में रहने वाले 22.9% पुरुषों ने भी कभी इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं किया.
कितना सस्ता है भारत में इंटरनेट!
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का डेटा बताता है कि 2014 में 1 GB डेटा की औसत कीमत 269 रुपये थी. अब इसकी कीमत 10 रुपये से भी कम हो गई है.
इसी साल मार्च में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया था कि दुनिया में सबसे सस्ता इंटरनेट भारत में है. भारत में 1 GB डेटा की कीमत 0.08 डॉलर से लेकर 0.10 डॉलर तक है. भारतीय करंसी में यह 10 रुपये से भी कम है. इसकी तुलना में बांग्लादेश में 0.34 डॉलर, नेपाल में 0.43 डॉलर और श्रीलंका में 0.35 डॉलर तक है.
उन्होंने बताया था कि दुनिया में 1 GB डेटा की औसत कीम 2.59 डॉलर (लगभग 246 रुपये) है. इसका मतलब हुआ कि भारत में 1 GB डेटा की कीमत वैश्विक औसत से 25 गुना कम है.

अश्विनी वैष्णव ने संसद में एक सवाल के जवाब में बताया था कि दुनिया में एक व्यक्ति हर महीने औसतन 17.9 GB डेटा इस्तेमाल करता है, जबकि भारत में एक व्यक्ति औसतन 25.70 GB डेटा की खपत करता है. दिसंबर 2025 तक भारत में 102 करोड़ से ज्यादा इंटरनेट यूजर थे.
इतना ही नहीं, वैश्विक औसत की तुलना में भारत में इंटरनेट की स्पीड भी कहीं ज्यादा है. ओकला स्पीड टेस्ट के जनवरी 2026 के डेटा के मुताबिक, भारत में औसतन डाउनलोडिंग स्पीड 130.24 Mbps है. जबकि, वैश्विक औसत 107.13 Mbps है. केंद्र सरकार के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक भारत की 86 फीसदी से ज्यादा आबादी तक 5G नेटवर्क भी पहुंच गया है.
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