दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली के बाद पार्टी संगठन में अनुशासन को लेकर सख्ती बढ़ गई है. रैली में शामिल नहीं होने वाले नेताओं पर अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. खास तौर पर बिहार कांग्रेस ने गैरहाजिर जिलाध्यक्षों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. जानकारी के अनुसार, बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने उन जिलाध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है जो पार्टी की महत्वपूर्ण रैली में शामिल नहीं हुए. आदेश में किसी नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि करीब आधा दर्जन जिलाध्यक्ष कार्यक्रम में अनुपस्थित रहे थे. अब उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.
संगठन में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश
कांग्रेस नेतृत्व इस मामले को केवल अनुपस्थिति तक सीमित नहीं मान रहा है. पार्टी का संदेश साफ है कि बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक अभियानों में जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. ऐसे में गैरहाजिर रहने वाले नेताओं से जवाब भी मांगा जा सकता है.

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर कदम उठाया हो. इससे पहले यूथ कांग्रेस भी 200 से अधिक पदाधिकारियों पर कार्रवाई कर चुकी है. पार्टी मानती है कि चुनावी माहौल में संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाए रखने के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है.
चुनावी तैयारी के बीच सख्त संदेश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए संगठन को एकजुट रखने की कोशिश का हिस्सा है. दिल्ली रैली के बाद उठाया गया यह कदम कांग्रेस नेताओं को स्पष्ट संदेश देता है कि पार्टी कार्यक्रमों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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