कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है. दिल्ली कांग्रेस ऑफिस से प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा 'हम 'वोट चोर गद्दी छोड़' नाम से एक अभियान चला रहे हैं. पूरा देश खुलकर यही बात कह रहा है. हम खुद भी अपना इरादा दोहरा रहे हैं कि हमें इस सरकार को हराना है और इस व्यवस्था को बदलना है. उन्होंने कहा हम आरएसएस के तंत्र वाली रिजीम चेंज करना चाहते हैं और कर के रहेंगे.' इसके अलावा पवन खेड़ा ने नेहा बोरा का भी समर्थन किया है. वामपंथी होने में क्या गलत है?.
'ज्ञानेश कुमार से सवाल पूछा जाता है बीजेपी जवाब देती है'
पवन खेड़ा ने कहा 'ज्ञानेश कुमार से सवाल पूछा जाता है कि बीजेपी जवाब देने आ जाती है. हमारा अभियान है वोट चोर, गद्दी चोर अभियान चला रहे हैं. हम तो कह रहे हैं कि रिजीम चेंज होगा. चुनाव के ज़रिए रिजीम चेंज होता ही है और रिजीम बदल सकता है कभी भी. बीते कई दिनों से पूरा देश आक्रोशित और आंदोलित है. हर जगह नौजवान सड़कों पर हैं, लोगों के मन में सवाल हैं. बस उसे उठा रहे हैं. हम सड़कों पर हैं और चुनाव हरा कर मानेंगे. जो जिम्मेदारी आप पर 2013 में थी वो अब हमारे पास है. संसद का विशेष सत्र बुलाइए और संविधान बदल कर दिखाइए. कानून बदलिए कि सरकार बदलने की मांग करना देश द्रोह है.'
नेहा बोरा का किया समर्थन
इस दौरान आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा का भी पवन खेड़ा ने समर्थन किया है. उन्होंने कहा 'नेहा बोरा के बयान की बात करेंगे. वामपंथी होने में क्या गलत है? सब करेंगे लेकिन ज्ञानेश कुमार को नहीं हटाएंगे.देश के लोकतंत्र, संविधान और कांग्रेस का उद्देश्य संघ और संघ जैसे संगठनों का भारतीयकरण करने का था, लेकिन संघ को एक मौका मिला और इन्होंने पूरे भारत का संघीकरण कर दिया. इन्होंने सिस्टम में ऐसा कब्जा किया कि विश्वविद्यालय, चुनाव आयोग, ब्यूरोक्रेसी समेत हर जगह संग का ठप्पा मार दिया. हम इसे ही बदलने की मांग कर रहे हैं. वहीं कॉकरोज जनता पार्टी के तिरंगा मार्च पर पवन खेड़ा ने कहा 'जो भी संगठन शांति से प्रदर्शन कर रहा है, हम उसके साथ हैं.'
वहीं सु्प्रीम कोर्ट की तरफ से राहुल गांधी को लगी फटकार के मुद्दे पर पवन खेड़ा ने कहा 'मीडिया ने खबर चलाई कि राहुल गांधी को फटकार लगाई गई. जबकि कोर्ट ऑर्डर में साफ हुआ कि मीडिया और बीजेपी ने झूठ बोला. कोर्ट की टिप्पणी किसी और के लिए थी. कोर्ट का तो सम्मान कीजिए. क्या अब सब कोर्ट से माफी मांगेंगे?. बेंगलुरु में तिरंगा यात्रा पर रोक पर कहा प्रदर्शन हमारे खिलाफ नहीं है. हमें क्यों दिक्कत होगी? हम तो वैकल्पिक जगह दे रहे हैं. चुनाव आयोग को जब समझ आ गया कि दाल नहीं गलने वाली. चुनाव आयोग बदहवास हो गया है. इसलिए अब सुधार की बात हो रही है. लेकिन अब समय निकल गया. अब तो रिजीम चेंज की बात हो रही है.'
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