राजस्थान में सियासी संकट: गहलोत कैंप के 90+ विधायकों ने दी इस्तीफा देने की धमकी: सूत्र

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार सीएम अशोक गहलोत खेमे के 90 से ज्यादा विधायक अपने पद से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं. विधायक विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं.

जयपुर:

राजस्थान में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार राजस्थान का अगला सीएम कौन होगा यह तय करने से पहले ही सीएम अशोक गहलोत खेमे के 90 से ज्यादा विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा देने की धमकी दी है. विधायक विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. इससे पहले खबर आ रही थी कि सभी विधायक जल्द ही कांग्रेस पार्टी द्वारा बुलाई गई विधायक दल की बैठक में शामिल हो सकते हैं. विधायक दल की बैठक से पहले गहलोत कैंप के विधायकों ने शांति धारीवाल के घर पर मुलाकात की थी. इसके बैठक में भी 56 के करीब विधायक शामिल हुए हैं. इस बैठक के बाद अशोक गहलोत खेमे के विधायकों  ने अपने ही खेमे से किसी को मुख्यमंत्री बनाने की बात की थी. इसे लेकर बकायदा एक प्रस्ताव भी पारित किया गया था. 

अशोक गहलोत कैंप के विधायक खाचरियावास ने मीडिया से कहा कि हम सभी विधायक विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर अपने पद से इस्तीफा देंगे. उन्होंने आगे कहा कि पार्टी हमारी नहीं सुनती है, फैसले अपने आप हो जाते हैं. जरूरत पड़ी तो हम दिल्ली भी जाएंगे. हाईकमान हमारे मुखिया है. सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अशोक गहलोत आह्वान करेंगे तो हम जान देंगे. अभी हम 125 के करीब विधायक है हमारे साथ निर्दलीय विधायक भी हैं. विधायक पहले ही तय कर चुके थे कि वो विधायक दल की बैठक में नहीं जाएंगे. विधायकों को लगता है कि फैसला उनसे पूछे बगैर लिया जा रहा है. 

सूत्रों के अनुसार मौजूदा घटनाक्रम को लेकर सीएम अशोक से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने फोन पर बात की है. इस बातचीत के दौरान अशोक गहलोत ने उन्हें बताया कि पार्टी के विधायक नाराज है. ऐसे हालात में मेरे हाथ में कुछ नहीं है.

इससे पहले राजस्थान में विधायक दल की बैठक से पहले अशोक गहलोत कैंप के करीब 56 MLA शांति धारीवाल के घर पहुंचे थे. धारीवाल को अशोक गहलोत का करीबी बताया जाता है.

पार्टी विधायक दल की बैठक से पहले हो रही इस मुलाकात को बेहद खास माना जा रहा था. हालांकि, धारीवाल के घर हो रही बैठक का एजेंडा क्या था इसकी जानकारी अभी तक किसी को नहीं है. लेकिन अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह बैठक अशोक गहलोत के सबसे वफादार नेता के नाम को सीएम पद के लिए आगे करने को लेकर हो रही है. 

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इन सब के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक ट्वीट किया है. उन्होंने ट्वीट में लिखा कि ये तो मीडिया ने उड़ा दिया शुरू से ही कि अशोक गहलोत राजस्थान का मुख्यमंत्री पद छोड़ना नहीं चाहते हैं, जबकि ये बात कभी मेरे दिमाग में नहीं रही, मैं तो 9 अगस्त को ही कह चुका हूं हाईकमान को कि अगला राजस्थान का चुनाव जीतना बहुत आवश्यक है कांग्रेस को.