- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. बाबू ने आगामी विधानसभा चुनाव न लड़ने और चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की
- बाबू ने 1991 से अब तक सात विधानसभा चुनाव लड़े, जिनमें से छह में उन्होंने जीत हासिल की है
- उन्होंने 2011 से 2016 तक संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार में बंदरगाह मंत्री के रूप में भी कार्य किया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं त्रिपुनिथुरा विधायक के. बाबू ने आगामी विधानसभा चुनाव न लड़ने की बृहस्पतिवार को घोषणा करते हुए चुनावी राजनीति से संन्यास ले लिया. यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बाबू ने कहा कि वह व्यक्तिगत कारणों से चुनाव लड़ने से पीछे हट रहे हैं. बाबू ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उनसे दोबारा चुनाव लड़ने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने चुनाव में न उतरने के अपने फैसले से उन्हें अवगत करा दिया.
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7 चुनाव, 6 जीत—बाबू का लंबा सफर
उन्होंने कहा, ‘‘मैं पार्टी नेतृत्व को अवगत करा चुका हूं कि मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा.'' बाबू ने कहा कि उन्होंने 1991 से अब तक सात विधानसभा चुनाव लड़े हैं और उनमें से छह में जीत हासिल की है. उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं जो भी हूं, मुझे यहां तक पहुंचाने में त्रिपुनिथुरा के लोगों और कांग्रेस पार्टी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. जब पार्टी ने मुझे 1991 में त्रिपुनिथुरा से चुनाव लड़ने के लिए चुना था उस समय वह मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का गढ़ था.''
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1991 से जीत-हार की यादें
बाबू ने याद किया कि उन्होंने विधायक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत 1991 में त्रिपुनिथुरा से की थी और बाद में 2016 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, सीट को दोबारा हासिल करने के दृढ़ संकल्प के साथ हमने कड़ी मेहनत की और 2021 के विधानसभा चुनाव में इसे वापस जीत लिया.''
मंत्री कार्यकाल और जनता के प्रति आभार
बाबू ने यह भी बताया कि 2011-16 की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के दौरान उन्होंने बंदरगाह मंत्री के रूप में भी कार्य किया. उन्होंने कहा, “मैं पिछले कई दिनों से यह घोषणा करना चाहता था, लेकिन पार्टी के भीतर स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहा था. मैं त्रिपुनिथुरा के लोगों सहित उन सभी को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने लोकतंत्र में विश्वास रखा है और मुझ पर भरोसा किया है.”
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं