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हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंचा झारखंड में ED और राज्य पुलिस के बीच का टकराव, CBI जांच की मांग

Jharkhand News: झारखंड में ईडी और राज्य सरकार के बीच टकराव का यह कोई पहला मामला नहीं है. पहले भी कई बार ऐसा टकराव देखा जा चुका है. विशेष रूप से जब भी ईडी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए वहां पहुंची है. कई बार राज्य सरकार ED की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बता चुकी है.

हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंचा झारखंड में ED और राज्य पुलिस के बीच का टकराव, CBI जांच की मांग
झारखंड में पुलिस और ईडी के बीच टकराव.
  • झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय और राज्य पुलिस के बीच टकराव झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंच गया है
  • ईडी ने रांची पुलिस की पूछताछ के खिलाफ हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग की है
  • PHED कर्मचारी संतोष ने ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया था
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रांची:

झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय और राज्य पुलिस के बीच टकराव अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है. रांची पुलिस द्वारा ईडी ऑफिस में की गई पूछताछ के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है. इस याचिका में ईडी ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है. इस याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होनी तय हुई है. कानूनी गलियारों में इस मामले को लेकर काफी चर्चा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर एक केंद्रीय जांच एजेंसी और राज्य पुलिस के बीच के अधिकारों की लड़ाई को दर्शाता है. मामले की शुरुआत पीएचईडी  के कर्मचारी संतोष द्वारा दर्ज कराई गई एक एफआईआर से हुई. 

ED पर पूछताछ के दौरान मारपीट का आरोप

PHED के कर्मचारी संतोष ने आरोप लगाया था कि रांची ईडी दफ्तर में पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट की गई. अधिकारियों पर दुर्व्यवहार और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए. इस शिकायत के आधार पर रांची के एयरपोर्ट थाना में मामला दर्ज किया गया था. इसी कड़ी में रांची पुलिस की टीम जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय पहुंची थी.

ED ने की थी गबन मामले में पूछताछ

 बता दें कि ईडी ने PHED के कर्मचारी संतोष कुमार को 22 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन के आरोप में पूछताछ के लिए बुलाया था. यह मामला रांची में पेयजल और स्वच्छता विभाग के स्वर्णरेखा हेड वर्क्स डिवीजन के शहरी जल आपूर्ति योजना के लिए आवंटित धन में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित था.

पुलिस और ईडी के बीच क्यों बढ़ा विवाद?

 ईडी ने उस समय कैशियर के पद पर कार्यरत संतोष कुमार पर फर्जी पे- ID बना कर कथित तौर पर ठेकेदारों के बैंक खातों की डिटेल्स का उपयोग करके सरकारी धन को अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों में ट्रांसफर करने का आरोप लगाया था. ED की जांच में धोखाधड़ी से निकाले और ट्रांसफर किए गए लगभग 22.86 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था. प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में संतोष कुमार से पूछताछ की, जिसके बाद रांची पुलिस ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ संतोष कुमार द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी जांच शुरू की. इससे केंद्रीय एजेंसी और स्थानीय पुलिस के बीच विवाद पैदा हो गया. 

झारखंड में पहले भी ED पर लगे आरोप

झारखंड में ईडी और राज्य सरकार के बीच टकराव का यह कोई पहला मामला नहीं है. पहले भी कई बार ऐसा टकराव देखा जा चुका है. विशेष रूप से जब भी ईडी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए वहां पहुंची है. कई बार राज्य सरकार ED की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बता चुकी है. केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया जा चुका है. मामले कई बार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक भी गए हैं, जहां दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें पेश की हैं.
 

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