यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने झांसी में आयोजित योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया. सीएम ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार है. भारतीय ऋषि परंपरा ने जो भी पर्व और उत्सव निर्धारित किए, उनके पीछे प्रकृति के साथ सामंजस्य का भाव रहा है. हमारी संस्कृति का उद्देश्य प्रकृति के साथ रहकर जीवन को संतुलित बनाना है. यूपी के सभी जिलों में योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुए. जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और योग किया.
पीएम मोदी ने योग को दिलाई वैश्विक मान्यता
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की परंपरा और विरासत को वैश्विक मान्यता दिलाने का कार्य किया है. उनके प्रयासों के कारण आज 140 करोड़ भारतीय दुनिया में गौरव के साथ आगे बढ़ रहे हैं और विकसित भारत की संकल्पना को नई दिशा मिली है. प्रधानमंत्री खुद हर साल अलग-अलग राज्यों में जाकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् अर्थात स्वस्थ शरीर ही सभी कर्तव्यों और पुरुषार्थों की साधना का माध्यम है. सीएम योगी ने कहा कि यदि शरीर स्वस्थ व निरोग नहीं होगा तो कोई भी व्यक्ति जीवन के किसी भी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता. स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क वाला छात्र ही अपने जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा.
200 देश योग से जुड़े हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के लगभग 200 देश योग से जुड़ चुके हैं. दुनिया के विभिन्न देशों में योग के प्रति लोगों में विशेष आकर्षण पैदा हुआ है. प्रधानमंत्री ने आयुष और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भारत के युवाओं के लिए रोजगार और अवसरों का नया द्वार खोला है. उत्तर प्रदेश में भी आयुष विभाग लगातार कार्य कर रहा है. यदि शरीर स्वस्थ होगा तो मस्तिष्क भी स्वस्थ होगा, स्वस्थ मस्तिष्क होगा तो बुद्धि स्वस्थ होगी और स्वस्थ बुद्धि होगी तो आत्मा भी स्वस्थ होगी. आत्मा में ईश्वर का वास होता है. इसलिए स्वस्थ शरीर पूरे जीवन का मूल आधार है और योग इसका सबसे प्रभावी माध्यम है.
21 जून सबसे लंबा दिन होता है
सीएम ने कहा कि उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वर्ष में दो बार नवरात्रि का आयोजन होता है. इसके पीछे भी ऊर्जा और प्रकृति का विज्ञान छिपा हुआ है. नवरात्रि ऐसे समय में आती है जब ऋतुओं का परिवर्तन होता है और प्रकृति विशेष ऊर्जा प्रदान करती है. 21 जून का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है. आज के दिन सूर्य का प्रकाश सबसे अधिक समय तक धरती को प्राप्त होता है. सूर्य को जगत का पिता कहा गया है. जो व्यक्ति और वनस्पति सूर्य के जितने अधिक सानिध्य में रहते हैं, उनमें उतनी ही अधिक ऊर्जा, तेज और क्षमता विकसित होती है.
सीएम योगी ने कहा कि योग की परंपरा आदियोगी भगवान शिव से प्रारंभ हुई और ऋषि-मुनियों ने इसे पूरी दुनिया तक पहुंचाया. एक समय ऐसा आया जब हम अपनी इस महान विरासत को भूलने लगे थे, लेकिन प्रधानमंत्री के प्रयासों से भारत फिर से अपनी सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व का अनुभव कर रहा है. इस साल मोदी जी ने 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम दी है, जिसका उल्लेख हमारे ऋषियों ने भी किया है. उन्होंने शास्त्रों का जिक्र करते हुए कहा "न तस्य रोगो न जरा न मृत्युः प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम्" अर्थात जिसका शरीर योग की अग्नि से तपकर सुदृढ़ हो गया हो, उसके पास न रोग आता है, न समय से पहले बुढ़ापा और न ही दुर्बलता. यदि हमें रोगों और समय से पहले आने वाले बुढ़ापे से बचना है तो योग को नियमित रूप से अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा.
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