इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से न्यूनतम पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा. शुल्क का जल्द निर्धारण किया जाएगा. चारों धामों के खुलने की तिथियां तय होने के बाद आगामी यात्रा के सफल, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संचालन के उद्देश्य से सभी हितधारकों के साथ गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को ऋषिकेश में हुई एक बैठक में यह तय किया गया. बैठक में गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप भी मौजूद रहे.
पांडेय ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी लेकिन प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा. उन्होंने बताया कि फर्जी पंजीकरण पर सख्ती से रोक लगाने हेतु न्यूनतम पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया जाएगा. आयुक्त ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी तथा उसे सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाया जाएगा.
उन्होंने बताया कि होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी (डोली) संचालकों द्वारा उठाई गई व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए अपर गढ़वाल आयुक्त उत्तम सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है.
पांडेय ने बताया कि समिति की संस्तुतियां मिलते ही एक-दो दिन के भीतर आवश्यक निर्णय लेते हुए चारधाम पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी. उन्होंने सभी हितधारकों को आश्वस्त किया कि उनके महत्वपूर्ण सुझावों को अमल में लाकर चारधाम यात्रा को सरल, सुगम एवं सुरक्षित बनाया जाएगा तथा यात्रा के सफल संचालन हेतु हरसंभव प्रयास किए जाएंगे.
अक्षय तृतीया के पर्व पर 19 अप्रैल को गंगोत्री एवं यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा का आरंभ होगा. केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे.
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