- चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है और उसके दरवाजे उनके लिए बंद हैं
- उन्होंने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर अविश्वास जताया और कहा कि लोकतंत्र जनता के विश्वास पर आधारित होता है
- ओवैसी के साथ गठबंधन की संभावना पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि गठबंधन होगा और वह खुलेआम ही घोषित किया जाएगा
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को हापुड़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दिल्ली में INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली और संभावित राजनीतिक गठबंधनों को लेकर अपनी बात रखी.
दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली में शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने साफ कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है. उन्होंने कहा, 'INDIA गठबंधन के दरवाजे हमारे लिए बंद हैं और हमारे लोग हमारे साथ हैं.'
इससे पहले उन्होंने कहा था कि गठबंधन के घटक दलों ने यह कार्यक्रम आयोजित किया है. उन्होंने चुनाव आयुक्तों के बीच उठापटक और एसआईआर प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में अविश्वास पैदा हुआ है. आजाद ने कहा कि सरकार के तंत्र को सोचना चाहिए कि लोकतंत्र जनता के जनमत और उसके विश्वास से चलता है. जब जनता का विश्वास उठ जाता है तो इस्तीफा देना चाहिए.
वहीं, असदुद्दीन ओवैसी के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में चंद्रशेखर आजाद ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि गठबंधन होगा और किसी भी तरह से होगा. उन्होंने कहा कि जब भी गठबंधन होगा, उसका ऐलान खुले तौर पर किया जाएगा. चंद्रशेखर आजाद ने कहा, 'गठबंधन होगा तो ढोल की चोट पर होगा, छिपकर नहीं होगा.'
'यूपी विधानसभा चुनाव मजबूती से लड़ेगी आजाद समाज पार्टी'
इससे एक दिन पहले चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेगी. पार्टी पिछले साढ़े चार वर्षों से लगातार इसकी तैयारी कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी गठबंधन चाहती थी, ताकि भाजपा को चुनाव में मौका न मिले, लेकिन आजाद समाज पार्टी अकेले भी चुनाव लड़ने में सक्षम है.
लखनऊ में भाजपा की बैठक को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि इस बार जनता बदलाव करेगी. भाजपा के सुशासन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसकी स्थिति देखनी हो तो ईको गार्डन जाना चाहिए. वहां पंचायत सहायक, शिक्षक भर्ती, मेडिकल कॉलेज, सीएचओ, सहकारी समितियों से जुड़े लोग, रोजगार सेवक, आशा बहनें, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे मिलेंगे. रोजगार और भर्ती से जुड़े अलग-अलग वर्गों के लोग लगातार अपनी समस्याएं उठा रहे हैं. यही भाजपा सरकार के सुशासन की वास्तविक तस्वीर है.
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर उन्होंने कहा कि चुनाव अच्छे हुए, लेकिन मतदाता सूची में कई कमियां थीं. उन्होंने मतदाता सूची में सुधार की जरूरत बताई और मांग की कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए. उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव भी बैलेट पेपर से कराने की मांग दोहराई.
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