- PM मोदी ने देशवासियों से एक साल तक गैर जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील की है, व्यापारियों ने स्वागत किया है
- प्रदीप बजाज ने कहा कि केवल आवश्यक अवसरों पर ही सोना खरीदनें, इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहेगा
- चांदनी चौक के ज्वेलरी एसोसिएशन अध्यक्ष योगेश सिंघल ने कहा- फॉरेक्स रिजर्व कम होने पर सोना गिरवी रखना पड़ेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आम नागरिकों से गैर जरूरी सोना एक साल तक ना खरीदने की अपील का चांदनी चौक के सोना व्यापारियों और खरीदारों ने स्वागत किया है. एशिया के सबसे बड़े सोना-चांदी के थोक मार्केट 'कूचा महाजनी' में प्रदीप बजाज अपनी पत्नी संतोष बजाज के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम के लिए सोना खरीदने आए हैं. बातचीत में प्रदीप बजाज कहते हैं, प्रधानमंत्री के सुझाव का सही है.
"सोना न खरीदने से देश को होगा फायदा"
एनडीटीवी से खास बातचीत में प्रदीप बजाज ने कहा, "अगर बहुत जरूरी हो तभी सोना खरीदना चाहिए. प्रधानमंत्री का सुझाव अच्छा है, यह अच्छी सोच है. हमारे बच्चे को बेटी हुई है. इसलिए हम सोना खरीदने आए हैं, वरना नहीं आते. इससे आम लोगों को भी फायदा होगा और भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) भी बचेगा, देश को फायदा होगा."

"निवेश के लिए सोना खरीदते हैं तो यह अच्छा नहीं"
प्रदीप की पत्नी संतोष बजाज परेशान हैं कि सोना महंगा होता जा रहा है. वह कहती हैं, "सोना बहुत महंगा हो गया है. अगर परिवार में कोई बहुत जरूरी कार्यक्रम हो, शादी हो तभी हम सोना खरीदने के बारे में सोच सकते हैं. जब मजबूरी हो है, बेटी की शादी हो. आम लोगों के लिए सोना खरीदना बहुत मुश्किल हो गया है. अगर लोग निवेश के लिए सोना खरीदते हैं तो यह अच्छा नहीं है".
...तो भारत का सोना रखना पड़ेगा गिरवी
प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बाद चांदनी चौक के सोना व्यापारियों में इसपर चर्चा तेज़ हो गयी है. चांदनी चौक के ज्वैलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने NDTV से कहा, "अगर देश में फॉरेक्स रिजर्व कम हो गया, तो इसका अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा, सोना गिरवी रखना पड़ेगा. अगर देश का प्रधानमंत्री मोदी यह सुझाव दे रहा है, तो इसे हमें गंभीरता से लेना चाहिए. प्रधानमंत्री ने गैर जरूरी विदेश यात्रा कम करने का भी सुझाव दिया है. यह फैसला देश की भलाई के लिए होगा. हमें इसे सकारात्मक तरीके से लेना चाहिए. हमें सरकार के साथ बातचीत करके संकट का हल निकालना होगा."
दुनियाभर के सेंट्रल बैंक के पास सोना चांदी भरा हुआ
पिछले पांच दशक से गोल्ड व्यापार से जुड़े योगेश सिंघल के मुताबिक, "दुनियाभर के सेंट्रल बैंक के पास सोना चांदी भरा हुआ है. बीच में मध्यपूर्व एशिया में जब युद्ध का संकट बढ़ा था तब बहुत बड़ी संख्या में यूरोपियन सेंट्रल बैंकों ने सोना खरीदा था. बैंकों के पास सोना चांदी का बहुत सारा स्टॉक है. देश में भी बहुत सारे लोगों ने सोने का स्टॉक रखा है. जब कीमत बेहतर होंगी, तभी लोग सोना बेचेंगे."

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सरकार ने EGR स्कीम में कर सकते हैं निवेश
योगेश के सहयोगी अभिषेक कहते हैं, "प्रधानमंत्री मोदी जब भी कुछ कहते हैं, देश उनको गंभीरता से सुनता है. प्रधानमंत्री के सारे सुझाव फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व से जुड़े हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि पेट्रोल डीजल का खपत कम किया जाए, गैर जरूरी विदेश यात्रा न किया जाए. यह सब फॉरेक्स फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व से जुड़ा मामला है. यह एक बदलाव का समय है. 4 May को सरकार ने EGR स्कीम लॉन्च की है. यह सब गोल्ड इन्वेस्टमेंट के लिए ही शुरू किया गया. जैसे समय बदल रहा है सरकार भी चाहती है कि नए इंस्ट्रूमेंट में लोग निवेश करें जिससे कि इन्वेस्टमेंट भी हो और लिक्विडिटी भी बनी रहे".
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ईरान संकट और वैश्विक अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करने, अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने, एक वर्ष तक सोने की खरीदारी टालने, घर से काम को प्राथमिकता देने तथा किसानों से रासायनिक खाद के इस्तेमाल में 50 प्रतिशत तक कटौती करने की अपील की गई है. सरकार का तर्क है कि इससे ऊर्जा खपत, आयात दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिलेगी.
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