केंद्र सरकार ने देश को नशा मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया है. इसका मकसद ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ना और नशे की लत से प्रभावित लोगों को इलाज व पुनर्वास की बेहतर सुविधा देना है. सरकार का कहना है कि यह रणनीति सिर्फ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी. इसके तहत रोकथाम, इलाज, जागरूकता और कानूनी सुधार पर भी एक साथ काम किया जाएगा. इस रोडमैप के तहत 40 से अधिक मंत्रालय, केंद्रीय एजेंसियां, राज्य सरकारें, जिला प्रशासन, शैक्षणिक संस्थान और सामाजिक संगठन मिलकर काम करेंगे. मकसद पूरे देश में नशे के खिलाफ एक समान व्यवस्था लागू करना है.

ड्रग नेटवर्क पर रहेगा फोकस
सरकार अब केवल छोटे तस्करों या ड्रग्स ले जाने वालों पर कार्रवाई नहीं करेगी. जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को निशाना बनाएंगी. इसमें सप्लायर, फाइनेंसर, हैंडलर और संगठित अपराध से जुड़े गिरोह शामिल होंगे.
100 बड़े ड्रग कार्टेल होंगे खत्म
रोडमैप के तहत मिशन मोड में अभियान चलाया जाएगा. खुफिया जानकारी के आधार पर देश और विदेश से जुड़े 100 बड़े ड्रग कार्टेल की पहचान की जाएगी. उनके खिलाफ समन्वित कार्रवाई होगी और उन्हें खत्म करने की कोशिश की जाएगी.
पैसों के स्रोत पर भी होगी नजर
बड़े ड्रग मामलों में वित्तीय जांच अनिवार्य होगी. अवैध संपत्ति जब्त की जाएगी. ड्रग कारोबार से जुड़े पैसों के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा, ताकि तस्करी की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके.सरकार सीमा क्षेत्रों, हवाई अड्डों और समुद्री मार्गों पर निगरानी बढ़ाएगी. इसके लिए एंटी-ड्रोन तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), कंटेनर स्कैनिंग और आधुनिक निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा.
सिंथेटिक ड्रग्स पर विशेष अभियान
मेथामफेटामाइन, मेफेड्रोन और दूसरी सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ अलग अभियान चलाया जाएगा. इनके निर्माण और तस्करी से जुड़े गुप्त नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई होगी.
उद्योग जगत की भी होगी भागीदारी
रासायनिक और दवा कंपनियों को संदिग्ध लेनदेन की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इससे रसायनों और दवाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. देशभर में चल रही गुप्त ड्रग प्रयोगशालाओं का पता लगाया जाएगा. विशेष प्रशिक्षण और खुफिया जानकारी के आधार पर इन लैब को बंद कराया जाएगा.
कानून में भी होंगे बदलाव
सरकार NDPS कानून और उससे जुड़े नियमों को आधुनिक बनाने की तैयारी में है. साथ ही नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए सुधार और इलाज पर ज्यादा जोर दिया जाएगा.डॉक्टर की पर्ची से मिलने वाली दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी. दवाओं की ट्रैकिंग व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी.
इलाज और पुनर्वास पर जोर
नशा छोड़ने वाले लोगों के लिए काउंसलिंग, इलाज और पुनर्वास केंद्रों का विस्तार किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य इन सेवाओं को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है. 'नशा मुक्त भारत अभियान' का दायरा बढ़ाया जाएगा. सरकार का लक्ष्य शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और लोगों की भागीदारी से 50 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुंचना है. उच्च शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलेंगे. छात्रों के लिए काउंसलिंग, शुरुआती मदद और पायलट स्तर पर ड्रग स्क्रीनिंग जैसी पहल शुरू की जाएगी. सरकार युवाओं, खेल संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों को इस अभियान से जोड़ेगी. इसका उद्देश्य स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और देशभर में नशा मुक्त समुदाय तैयार करना है.
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