- राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह का सीजफायर घोषित किया है, जिससे मध्य पूर्व संकट टलने की उम्मीद है
- भारत ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह देते हुए एक एडवाइजरी जारी की है
- भारतीयों से दूतावास द्वारा सुझाए गए मार्गों का इस्तेमाल करके देश छोड़ने का अनुरोध किया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान कर दिया है. इससे उम्मीद की जा रही है कि अब मिडिल ईस्ट का संकट अब टल जाएगा. ईरान और अमेरिका बातचीत के जरिए किसी समाधान पर पहुंच जाएंगे. लेकिन इस बीच भारत ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है. एडवाइजरी में कहा गया है- 'जितना जल्दी हो सके, ईरान से बाहर निकल जाएं. क्या 14 दिन के सीजफायर के बाद हालात फिर बिगड़ सकते हैं? भारत की ईरान को लेकर जारी एडवाइजरी के बाद ये सवाल उठ रहा है.
भारत ने बुधवार को ईरान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की और उन्हें युद्धग्रस्त देश से "जल्द से जल्द निकलने" की हिदायद दी. ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में भारतीयों से उनके द्वारा सुझाए गए मार्गों का इस्तेमाल करके देश छोड़ने का अनुरोध किया. पोस्ट में लिखा था, "यह फिर से दोहराया जाता है कि दूतावास से पूर्व परामर्श के बिना किसी भी इंटरनेशनल बॉर्डर के पास जाने की कोशिश न न करें."
दूतावास ने अपने इमरजेंसी कॉन्टेक्ट नंबर भी दिए हैं - +989128109115; +989128109109; +989128109102; +989932179359, और ईमेल आईडी - cons.tehran@mea.gov.in
⚠️ Advisory as on 08 April 2026. pic.twitter.com/pusFQIAKKI
— India in Iran (@India_in_Iran) April 8, 2026
भारतीय दूतावास द्वारा ये एडवाइजरी अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद जारी की गई. इससे पहले मंगलवार शाम को दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी कर ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को अगले 48 घंटों तक अपने-अपने स्थानों पर रहने का निर्देश दिया था. दूतावास ने भारतीयों से घर के अंदर रहने और सैन्य प्रतिष्ठानों, बिजली आपूर्ति प्रणालियों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से सख्ती से बचने का आग्रह किया. यह सलाह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी खत्म करने के लिए पूर्वी समयानुसार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक का समय नहीं देता है, तो "पूरी सभ्यता आज रात नष्ट हो जाएगी".
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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर हमले के बाद जब संघर्ष शुरू हुआ, तब लगभग 9,000 भारतीय ईरान में थे. अब तक लगभग 1,800 भारतीय भारत लौट चुके हैं.
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