Aadhaar जैसी सुरक्षा तैयार होने के बाद असम के नागरिकों का रजिस्टर डेटा जारी होगा : केंद्र

सरकार ने कहा कि इसके बाद, डेटा केंद्र, राज्य और आरजीआई (भारत के रजिस्ट्रार जनरल) को जारी किया जाएगा. 2019 में प्रकाशित असम एनआरसी सूचियों का डेटा अभी तक भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा आधिकारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया गया है.

Aadhaar जैसी सुरक्षा तैयार होने के बाद असम के नागरिकों का रजिस्टर डेटा जारी होगा : केंद्र

इस परियोजना पर करीब 18 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

गुवाहाटी:

केंद्र ने कहा है कि असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का डेटा आधार जैसी डेटा सुरक्षा प्रणाली स्थापित होने के बाद ही जारी किया जाएगा, जिसे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनिवार्य किया गया है. सरकार ने कहा कि इसके बाद, डेटा केंद्र, राज्य और आरजीआई (भारत के रजिस्ट्रार जनरल) को जारी किया जाएगा. 2019 में प्रकाशित असम एनआरसी सूचियों का डेटा अभी तक भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा आधिकारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया गया है.

13 अगस्त, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि "आधार डेटा के लिए प्रदान की गई सुरक्षा व्यवस्था के समान एक उपयुक्त शासन लागू किया जाए." लोकसभा में असम कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक के एक सवाल का जवाब देते हुए जूनियर गृह मंत्री नित्यानंद राय ने कोर्ट के आदेश की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 31 अगस्त, 2019 को समावेशन और बहिष्करण की पूरक सूची प्रकाशित की गई है."

सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी, असम के राज्य समन्वयक को निर्देश दिया है कि "आधार डेटा के लिए प्रदान की गई सुरक्षा व्यवस्था के समान एक उपयुक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करें और उसके बाद ही सूची राज्य सरकार, केंद्र को उपलब्ध कराई जाएगीय".एनआरसी निदेशालय के सूत्रों ने संकेत दिया कि अधिकारियों ने आधार जैसी व्यवस्था के निर्माण के लिए आरजीआई को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है. सूत्रों ने बताया कि इस परियोजना पर करीब 18 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे करीब सात महीने में पूरा किया जा सकता है.

ये भी पढ़ें: उत्तर-प्रदेश : PWD तबादलों में गड़बड़ी पर 5 कर्मचारी निलंबित, भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन में योगी सरकार

अगस्त 2019 को प्रकाशित असम में अंतिम एनआरसी सूची में 31.1 मिलियन से अधिक लोगों को शामिल होने के योग्य पाया गया था. लेकिन तब इसमें 1.9 मिलियन से अधिक लोगों को शामिल नहीं किया गया. जिससे एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया. बाहर किए गए लोगों को रिजेक्शन स्लिप जारी की जानी बाकी है - जो निर्णय को चुनौती देने के लिए विदेशी ट्रिब्यूनल का रुख कर सकते हैं. आरजीआई ने अभी तक एनआरसी को अंतिम रूप में अधिसूचित नहीं किया है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


VIDEO: छत्तीसगढ़ : स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के पंचायत विभाग छोड़ने के बाद गरमाई सियासत