केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि उसे सिंगापुर अदालत के लिए अनुरोध पत्र या लेटर्स रोगेटरी (एलआर) जारी कराने के लिए मुंबई अदालत में जाने की अनुमति केंद्र सरकार से मिल गई है ताकि भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के बहनोई मैनाक मेहता के खिलाफ सबूत हासिल किया जा सके जो पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में एक आरोपी है.
केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ को बताया कि केंदीय गृह मंत्रालय ने सिंगापुर की एक अदालत को एलआर जारी करने के लिए जांच एजेंसी को मुंबई स्थित विशेष सीबीआई अदालत में जाने की अनुमति दे दी है.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
लेटर्स रोगेटरी (एलआर) एक ऐसा दस्तावेज है जिसमें विदेश की अदालत से अनुरोध किया जाता है कि वह पारस्परिक विधि सहयोग समझौता (एमएलएटी) के तहत या संधि नहीं है तो पारस्परिकता के तहत अपने न्यायिक क्षेत्राधिकार में रह रहे किसी व्यक्ति से सबूत हासिल करे.
न्यायिक अधिकारी ने यह भी कहा कि एलआर जारी कराने का अनुरोध करने वाली याचिका तीन दिनों के अंदर मुंबई की अदालत में दायर की जाएगी.
पीठ ने मेहता से बैंकों को पत्र लिखने के लिए कहा था जहां उनके खातों की सीबीबाई द्वारा जांच की जा रही है. न्यायिक अधिकारी के बयान का संज्ञान लेते हुए पीठ ने बैंक खाते से लेनदेन का भी ब्योरा मांगा. इस मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी.
सीबीआई ने मुंबई स्थित बैंकिंग प्रतिभूति धोखाधड़ी शाखा के अपने निदेशक के जरिये गत 23 अगस्त को बंबाई उच्च न्यायालय के उस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी जिसमें मेहता को हांग-कांग की यात्रा करने और वहां तीन महीने तक ठहरने की इजाजत दी गई थी.
सीबीआई आरोप लगाती रही है कि मेहता ने पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले में आर्जित की गई रकम में से काफी आधिक हिस्सा हासिल किया जिसे उसकी पत्नी के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दिया गया.
मेहता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने कहा कि लेन-देन का ब्योरा हासिल करने के लिए बैंकों को सूचना भिजवा दी गई है. देसाई ने कहा कि मेहता ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ सहयोग किया और नीरव मोदी से जुड़े धन शोधन मामले में उन्हें गवाह बनाया गया है, लेकिन अब उन्हें सीबीबाई द्वारा परेशान किया जा रहा है.
यह भी पढ़ें -
-- छत्तीसगढ़ के बस्तर में खदान धंसने से बड़ा हादसा, 6 की मौत, बचाव कार्य जारी
-- ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया को किया गिरफ्तार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं