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ब्रिटेन से फिर अटका नीरव मोदी का प्रत्यर्पण, UK हाई कोर्ट में दाखिल की नई अर्जी

नीरव मोदी ने यूके हाई कोर्ट से भारत प्रत्यर्पण फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है. नीरव मोदी के वकीलों ने संजय भंडारी केस के फैसले का हवाला देते हुए राहत की उम्मीद जताई है.

ब्रिटेन से फिर अटका नीरव मोदी का प्रत्यर्पण, UK हाई कोर्ट में दाखिल की नई अर्जी
  • नीरव मोदी ने ब्रिटेन की हाई कोर्ट से भारत प्रत्यर्पण फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है
  • नीरव मोदी के वकीलों ने संजय भंडारी के फरवरी 2025 के प्रत्यर्पण खारिज फैसले का हवाला देकर राहत की उम्मीद जताई
  • बचाव पक्ष ने भारत में नीरव मोदी के मानवाधिकार उल्लंघन और जेल में प्रताड़ना के खतरे को भी मुद्दा बनाया है
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नई दिल्‍ली:

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने एक बार फिर ब्रिटेन की अदालत का दरवाजा खटखटाया है. नीरव मोदी ने यूके हाई कोर्ट से अपने भारत प्रत्यर्पण के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है. इस मामले में अदालत ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. साल 2022 में यूके हाई कोर्ट ने नीरव मोदी की उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने भारत भेजे जाने पर रोक लगाने की मांग की थी. लेकिन अब उसके वकील ने फिर से नई दलीलों के साथ अदालत में अपील दाखिल की है.

संजय भंडारी केस का दिया हवाला 

नीरव मोदी के वकीलों ने इस बार फरवरी 2025 के एक फैसले का हवाला दिया है, जिसमें लंदन हाई कोर्ट ने कारोबारी संजय भंडारी के भारत प्रत्यर्पण को खारिज कर दिया था. इसी आधार पर नीरव मोदी की तरफ से भी राहत की उम्मीद जताई जा रही है. साथ ही, बचाव पक्ष ने एक बार फिर मानवाधिकार उल्लंघन और जेल में प्रताड़ना का मुद्दा उठाया है. उनका कहना है कि भारत में नीरव मोदी को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा.

2019 से सलाखों के पीछे PNB घोटाले का मुख्‍य आरोपी 

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के करीब दो अरब डॉलर के ऋण घोटाले के मामले में भारत में वांछित भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी ने अदालत से कहा कि उसे ‘अत्यधिक उम्मीद' है कि या तो उसे बरी कर दिया जाएगा या उसे जमानत दे दी जाएगी, क्योंकि अदालत ने ऐसे मामलों में उच्च स्तर की पाबंदी के बावजूद नए साक्ष्य स्वीकार करने पर सहमति जताई है. मार्च 2019 में गिरफ्तारी के बाद से नीरव लंदन में सलाखों के पीछे है और उसने कई बार जमानत पाने के प्रयास किए हैं, लेकिन सभी प्रयास इस आधार पर खारिज कर दिए गए कि उसके भागने का खतरा है.

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भारत में नीरव मोदी के खिलाफ 3 आपराधिक कार्यवाही

भारत में उसके खिलाफ तीन तरह की आपराधिक कार्यवाही चल रही है– पीएनबी धोखाधड़ी का केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामला, उस धोखाधड़ी की आय के कथित शोधन से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामला और तीसरा मामला सीबीआई की कार्यवाही के दौरान सबूतों और गवाहों से जुड़े कथित हस्तक्षेप का है. अप्रैल 2021 में, तत्कालीन ब्रिटिश गृह मंत्री प्रीति पटेल ने उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला स्थापित होने के बाद भारतीय अदालतों में इन आरोपों का सामना करने के लिए उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया था. तब से उसने इस आदेश को चुनौती देने के लिए अपने सभी कानूनी रास्ते आजमाए और हाल ही में उसकी अपील को फिर से खोलने का आवेदन ब्रिटेन में स्वीकार कर लिया गया और अगले महीने इस पर सुनवाई होनी है.

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