महाराष्ट्र में रक्षा विभाग के अधीन काम करने वाले एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी से जुड़ा बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है. सीबीआई की पुणे में हुई छापेमारी में 1.73 करोड़ रुपए कैश जब्त किए गए हैं. जांच टीम ने कंपनी के डायरेक्टर सहित दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. मामला म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड से जुड़ा है. जो भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन एक सरकारी स्वामित्व वाली रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी (DPSU) है.
इस कार्रवाई के बारे में CBI ने बताया कि रिश्वत के मामले में 'म्यूनिशंस इंडिया' के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और दो अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. वहीं पुणे में हुई छापेमारी के दौरान ₹1.73 करोड़ नकद जब्त किए गए.
प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स से रिश्वत लेने का आरोप
बताया गया कि सीबीआई ने इस मामले में 12 अक्टूबर को मामला दर्ज किया और 13 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया. आरोप है कि इन लोगों ने प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ मिलकर रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार किया. एजेंसी ने इस मामले में मैसूर, बेंगलुरु और नई दिल्ली में भी कई जगहों पर तलाशी ली.
अन्य जगहों पर तलाशी के दौरान लगभग ₹50 लाख नकद और मामले से जुड़े अहम दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए. सीबीआई मामले में आगे की छानबीन में जुटी है. रिश्वतखोरी के इस केस में 1.73 करोड़ रुपए कैश की जब्ती और डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों की गिरफ्तारी की बात सामने आने के बाद हड़कंप मचा है.
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