केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Cabinet Minister Rajiv Chandrashekhar) ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पैदा होने वाले जोखिमों को कम करने की मांग वाले कार्यकारी आदेश का स्वागत किया. मंत्री ने कहा कि भारत उपयोगकर्ता सुरक्षा को प्राथमिक उद्देश्य बनाने के लिए "दुनिया के अग्रणी तकनीकी देशों के कनवर्जेंस में है. उन्होंने कहा कि कोई भी तकनीकी नीति निर्धारण एक अच्छा अग्रिम कदम है". सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने ये बात मंगलवार को एनडीटीवी के साथ एक खास इंटरव्यू में कही. उन्होंने एआई की वजह से लोगों की नौकरी जाने की आशंकाओं को भी खारिज कर दिया, साथ ही उन्होंने कहा कि नए कौशल सीखने पर जोर देना होगा.
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'AI पर भारत-US साथ कर रहे काम'
राजीव चंद्रशेखर से पूछा गया कि क्या उनका मानना है कि अमेरिकी आदेश की तर्ज पर, संभावित सुरक्षा जोखिम पैदा करने वाले डेवलपर्स को सरकार के साथ सुरक्षा परीक्षणों के परिणाम शेयर करने चाहिए. इस सवाल के जवाब में राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "सबसे पहले, अमेरिकी सरकार ने जो भी किया, मैं उसके लिए राष्ट्रपति बाइडेन का स्वागत करता हूं." उन्होंने कहा कि यह अमेरिका और भारत के बीच, पीएम नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन के तहत है.अमेरिका और भारत एआई, सेमीकंडक्टर और उच्च -प्रदर्शन कंप्यूटिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग में सहयोग करने पर सहमत हुए. राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि एआई निश्चित रूप से एक ऐसा क्षेत्र है, जहां भारत और अमेरिका एक साथ मिलकर काम करने जा रहे हैं.''
'इंटरनेट पर भारत-US के बुनियादी सिद्धांत समान'
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि उनको लगता है कि सामान्य रूप से प्रौद्योगिकी और विशेष रूप से इंटरनेट को देखने के भारत-अमेरिका के बुनियादी सिद्धांत समान हैं, क्योंकि हम करीब 24 महीनों से कह रहे हैं कि हमारी नीतियां और विनियमन के प्रति हमारा दृष्टिकोण सुरक्षा और विश्वास और जवाबदेही, सुरक्षा और विश्वास के बारे में है. उन्होंने कहा कि अच्छी बात है कि अब अमेरिका अनिवार्य रूप से सुरक्षा और विश्वास और जवाबदेही के बारे में बात कर रहा है. इस बात पर जोर देते हुए कि हर देश का दृष्टिकोण थोड़ा अलग हो सकता है, राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारत उपयोगकर्ता नुकसान के एक समग्र ढांचे के निर्माण का प्रस्ताव रख रहा है, जो सुरक्षा और पारंपरिक विश्वास का है.
'AI तकनीक कम में देती है अच्छा रिजल्ट'
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि किसी भी प्लेटफ़ॉर्म द्वारा उपयोगकर्ता को किस तरह के नुकसान की अनुमति नहीं है, चाहे वह एआई प्लेटफ़ॉर्म हो, या उपभोक्ता तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म या फिर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म हो. उन्होंने कहा कि हम सामान्य रूप से इंटरनेट को और विशेष रूप से एआई को, प्रिज्म के माध्यम से विनियमित करना शुरू करते हैं. एआई एक ऐसी तकनीक है जो हमें कम में ज्यादा और अच्छा काम करने के योग्य बनाएगी.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं