सेवा तीर्थ में आयोजित केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद बैठक करीब साढ़े चार घंटे तक चली. बैठक में सरकार के प्रमुख एजेंडा, रिफॉर्म्स और आने वाले वर्षों के विजन पर विस्तार से चर्चा हुई.
PM का मंत्र- 2047 को ध्यान में रखकर काम करें
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकसित भारत 2047 सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है. सभी मंत्रालय अपने काम को 2047 के विज़न के अनुरूप प्लान करें. PM ने कहा कि 'जो हो गया, उसे पीछे छोड़िए, अब भविष्य पर फोकस कीजिए.'
‘Ease of Living' और रिफॉर्म्स पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री ने आम लोगों के जीवन को आसान बनाने (Ease of Living) और संरचनात्मक सुधार (Reforms) पर खास जोर दिया. बैठक में यह भी साफ किया गया कि हर मंत्रालय का काम जनता के हित को सबसे ऊपर रखकर हो. सरकार का मकसद लोगों के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए.
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'कम दखल, ज्यादा मदद'
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को लोगों के जीवन में अनावश्यक दखल नहीं देना चाहिए. लेकिन जहां जरूरत हो, वहां सही समय पर मदद और सुधार करना चाहिए. यह अप्रोच 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' की दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है.
आधा दर्जन मंत्रालयों की प्रजेंटेशन
बैठक में आधा दर्जन से ज्यादा मंत्रालयों ने अपने-अपने काम और योजनाओं पर प्रजेंटेशन दिया. इस बैठक में विभिन्न सेक्टरों में हो रहे रिफॉर्म्स और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर मंत्रियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई.
फाइलों में देरी नहीं- PM का सख्त निर्देश
प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि फाइलें तेजी से निपटें. किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या नौकरशाही अड़चन न हो. साथ ही मंत्रियों से कहा गया कि उपलब्ध समय में अधिकतम उत्पादकता (Productivity) हासिल करें.
विदेश नीति पर जयशंकर की ब्रीफिंग
बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री की हालिया 5 देशों की यात्रा को लेकर मंत्रिपरिषद को विस्तार से जानकारी दी और इसके रणनीतिक महत्व को समझाया.
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