सीमा सुरक्षा बल यानि बॉर्डर सिक्युरिटी फ़ोर्स की महिलाओं ने इतिहास रच दिया है. BSF की पहली ऑल-वुमन पर्वतारोहण टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक तिरंगा लहराया. यह अभियान मिशन वंदे मातरम् के तहत चलाया गया.बीएसएफ इस समय अपना डायमंड जुबली वर्ष मना रहा है. पहली आल वूमेन टीम ने इतिहास रच दिया. इन महिलाओं ने साहस और हौसले की नई मिसाल पेश की. इस टीम में लद्दाख की कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की मुनमुन घोष, उत्तराखंड की रेबेका सिंह और कारगिल की त्सेरिंग चोरोल शामिल थीं.

इन महिला जवानों ने माउंट एवरेस्ट की 8848.86 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचकर नया इतिहास बनाया. अलग-अलग राज्यों से आई इन महिला पर्वतारोहियों ने भारत की “एकता में विविधता” की मिसाल पेश की.कठिन मौसम और बेहद ऊंचाई वाली परिस्थितियों में भी टीम ने साहस और धैर्य दिखाया. माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाई पर जहां लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है और खड़ा रहना मुश्किल होता है.
इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार बीएसएफ की महिला पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट की चोटी से “वंदे मातरम्” गाया.इससे पूरे देश में गर्व का माहौल बना. यह मिशन 6 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से रवाना हुआ था. बीएसएफ ने इन बहादुर महिला पर्वतारोहियों को सलाम किया है. उनकी सफलता देश के युवाओं को प्रेरित करेगी.
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