देश में कई हाइवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं. आज जम्मू-कश्मीर, लद्दाख से लेकर नॉर्थ ईस्ट के राज्यों तक हाइवे और एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है. इसी कड़ी में सरकार असम में एक बेहद एडवांस 4 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाइवे बना रही है. केंद्रीय कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. यह एक्सप्रेसवे असम के गुवाहाटी से तेजपुर तक बनाया जाएगा. केंद्रीय मंत्री अश्विणी वैष्णव ने बताया कि करीब 135 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के लिए सरकार 8900 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करेगी. इस प्रोजेक्ट के बारे में हर जरूरी बात आपको बताते हैं.
मौजूदा NH-15 को ही किया जाएगा अपग्रेड
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि सरकार ने असम में गुवाहाटी के पास बैहाटा चारियाली से तेजपुर तक 135.87 किलोमीटर लंबे 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाइवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है. इस परियोजना की कुल लागत 8,970.20 करोड़ रुपये होगी.
यह प्रोजेक्ट नेशनल हाइवे NH-15 पर ही डेवलेप किया जाएगा. इसे बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) टोल मॉडल के तहत बनाया जाएगा. इसमें 15.11 किलोमीटर लंबे मंगलदोई बाईपास को शामिल नहीं किया गया है.
▪️#Cabinet approves the construction of 135.871 km, 4-lane access-controlled Guwahati-Tezpur Corridor of NH-15 in Assam.
— PIB India (@PIB_India) August 6, 2026
▪️The project will be developed at a total capital cost of Rs. 8970.20 crore.
▪️It will be developed as an access-controlled corridor with open tolling… pic.twitter.com/x01h5LyBHi
तेजपुर बाईपास पर बनेगी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी
इस हाइवे प्रोजेक्ट के तहत तेजपुर बाईपास पर 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) भी बनाई जाएगी. इसे भारतीय वायुसेना (IAF) के सहयोग से अंतिम रूप दिया गया है. इससे ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी हिस्से में स्थित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर NH-27 पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी.
5 बड़े बाईपास बनेंगे
परियोजना में कुल 58.7 किलोमीटर लंबाई के 5 बड़े बाईपास बनाए जाएंगे. ये बाईपास बैहाटा चारियाली, सिपाझार,खारुपेटिया, डेकियाजुली और तेजपुर होंगे. ये बाईपास घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम कम करने में मदद करेंगे.

कई बड़े पुल और फ्लाईओवर शामिल
हाइवे प्रोजेक्ट में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और 1 हाथी अंडरपास भी शामिल है. इसके अलावा एक्सेस-कंट्रोल्ड हाइवे होने के कारण स्थानीय आवाजाही बनाए रखने के लिए 46 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर और 210 किलोमीटर सर्विस रोड भी बनाई जाएगी.
दिल्ली-एनसीआर से कैसे होगा कनेक्ट?
इस हाइवे के बनने के बाद असम और अरुणाचल तक का सफर दिल्ली-एनसीआर से भी आसान हो जाएगा. दरअसल यह नया 4-लेन हाइवे प्रोजेक्ट गुवाहाटी के बैहाटा चारियाली से शुरू होता है. बैहाटा चारियाली सीधे NH-27 से जुड़ा हुआ है. वहीं दिल्ली से गोरखपुर तक के लिए 'गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे' बनाया जा रहा है. इसके अलावा 'गोरखपुर-सिलिगुड़ी एक्सप्रसवे' भी प्रस्तावित है. सिलिगुड़ी से जलपाईगुड़ी, बोंगाईगांव होते हुए NH-27 से बैहाटा चारियाली पहुंचा जा सकेगा. यहां से यह प्रस्तावित हाइवे आगे का सफर आसान बना देगा.
यात्रा समय होगा आधा
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद वाहन की रफ्तार बढ़ जाएगी और यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा. इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और ईंधन की बचत होगी. इससे क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. यह कॉरिडोर असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा.
अपग्रेड होने के बाद यह हाइवे 8 इंडस्ट्रियल पार्क, मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क, ओरंग नेशनल पार्क, 7 लॉजिस्टिक्स नोड्स, 3 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 हवाई अड्डे और 2 जलमार्ग टर्मिनल को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा.
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