विज्ञापन

वर्दी पहनकर कोर्ट पहुंचे TI, जज ने ड्रेस बदलने का दिया आदेश; देर शाम तक कटघरे में खड़े रहने की दी सजा

ग्वालियर में अदालत के आदेश के बावजूद वर्दी पहनकर कोर्ट पहुंचे थाना प्रभारी रविंद्र कुमार को जज ने पहले सिविल ड्रेस में आने का निर्देश दिया और बाद में देर शाम तक कटघरे में खड़ा रखा. मामला जब्त देसी कट्टे के गायब होने से जुड़ा है.

वर्दी पहनकर कोर्ट पहुंचे TI, जज ने ड्रेस बदलने का दिया आदेश; देर शाम तक कटघरे में खड़े रहने की दी सजा
  • ग्वालियर की अदालत ने थाना प्रभारी को बिना वर्दी पेश होने के स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन वे वर्दी में पहुंचे.
  • अदालत ने थाना प्रभारी की अवहेलना पर कड़ी नाराजगी जताई और उन्हें सिविल ड्रेस में आने के लिए वापस भेजा.
  • थाना प्रभारी जब्त देसी कट्टे से जुड़े मामले में स्पष्टीकरण देते हुए अदालत में देर शाम तक कटघरे में खड़े रहे.

ग्वालियर की एक अदालत में बुधवार को उस समय अनोखी स्थिति बन गई, जब न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एक थाना प्रभारी पुलिस वर्दी पहनकर पेश हो गए. कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई और उन्हें वापस जाकर सिविल ड्रेस में आने को कहा. इसके बाद जब थाना प्रभारी दोबारा अदालत पहुंचे, तो उन्हें देर शाम तक कटघरे में खड़ा रखा. आइए जानते हैं पूरा मामला...

बिना वर्दी बुलाया था, फिर भी वर्दी में पहुंचे टीआई

विशेष न्यायाधीश सुनील दंडोतिया की अदालत ने विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविंद्र कुमार को एक मामले में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे. आदेश में स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्हें बिना पुलिस वर्दी के अदालत में पेश होना है. इसके बावजूद थाना प्रभारी बुधवार को वर्दी पहनकर न्यायालय पहुंच गए. अदालत ने इसे आदेश की अवहेलना मानते हुए नाराजगी जाहिर की और उन्हें सिविल ड्रेस में आने के लिए वापस भेज दिया.

कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी

थाना प्रभारी के वर्दी में पहुंचने पर न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी की. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि यदि इसी समय जेल भेजना पड़े तो क्या वह वर्दी में ही जाएंगे. अदालत का मानना था कि जब आदेश स्पष्ट था, तब उसका पालन किया जाना चाहिए था. कोर्ट की सख्ती से पूरे घटनाक्रम की गंभीरता साफ दिखाई दी.

शाम तक कटघरे में खड़ा रखा

कोर्ट के निर्देश के बाद थाना प्रभारी सिविल ड्रेस में दोबारा न्यायालय पहुंचे. इसके बाद उन्हें देर शाम तक अदालत के कटघरे में मौजूद रहने के लिए कहा. सुनवाई के दौरान वह लगातार अदालत के सामने उपस्थित रहे. इस दौरान उन्होंने कई बार अपनी बात रखी और मामले में स्पष्टीकरण देने की कोशिश की.

देसी कट्टे की जब्ती से जुड़ा है मामला

पूरा विवाद एक देसी कट्टे की जब्ती से जुड़े मामले से जुड़ा है. अदालत ने पहले इस मामले में जब्त हथियार पेश करने का आदेश दिया था, लेकिन पुलिस उसे पेश नहीं कर सकी. इस पर कोर्ट ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को पत्र लिखकर थाना प्रभारी की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे. साथ ही यह भी कहा था कि अनुपस्थिति की स्थिति में माना जाएगा कि संबंधित अधिकारी को संरक्षण दिया जा रहा है या फिर वरिष्ठ अधिकारियों का अधीनस्थों पर नियंत्रण नहीं है.

टीआई ने कोर्ट में मांगी माफी

सुनवाई के दौरान थाना प्रभारी ने अदालत से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि इस मामले में जो गलती हुई, वह एक ऐसे पुलिसकर्मी से संबंधित है जो अब सेवानिवृत्त हो चुका है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जब्त माल रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद उपलब्ध नहीं हो सका. हालांकि अदालत ने इस स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना और मामले को गंभीर बताया.

15 दिन में जांच और एफआईआर के निर्देश

मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि 15 दिन के भीतर पूरे प्रकरण की समुचित जांच कराई जाए. साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने को कहा. अदालत ने स्पष्ट किया कि जब्त माल गायब होने जैसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता.

गायब हो गया था जब्त माल

दरअसल, यह पूरा मामला उस जब्त माल से जुड़ा है जिसे अदालत में पेश किया जाना था. तलब किए जाने के बाद संबंधित थाना प्रभारी ने स्वयं कोर्ट को लिखित रूप में बताया था कि उन्हें मालखाने में वह सामग्री नहीं मिली. उन्होंने यह भी कहा कि चार्ज हैंडओवर के समय भी वह माल उन्हें सुपुर्द नहीं किया.

कोर्ट ने उठाए गंभीर सवाल

अदालत ने इस बात पर हैरानी जताई कि जब्त माल के गायब होने जैसी गंभीर स्थिति पैदा होने के बावजूद अब तक न तो कोई विस्तृत जांच हुई और न ही किसी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की. इसी वजह से कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों से जवाब-तलब किया और आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gwalior Court News, Gwalior News, Madhya Pradesh Police, MP News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com