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सबसे ज्यादा बार किसने पढ़ा बजट? इस बार निर्मला ताई रचेंगी इतिहास, जानें बजट से जुड़ी 10 रोचक बातें

बजट से पहले मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस में पारंपरिक हलवा सेरेमनी का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी मौजूद रहे.

सबसे ज्यादा बार किसने पढ़ा बजट? इस बार निर्मला ताई रचेंगी इतिहास, जानें बजट से जुड़ी 10 रोचक बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.
  • केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी 2026 को बजट पेश कर लगातार नौ बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाएंगी.
  • निर्मला सीतारमण का यह रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के कुल दस बजट पेश करने के रिकॉर्ड के करीब होगा.
  • बजट तैयार करने की प्रक्रिया में हलवा सेरेमनी का आयोजन होता है, जिसमें अधिकारी बजट पेश होने तक बाहर नहीं जाते.
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नई दिल्ली:

Budget 2026: एक फरवरी को बजट पेश कर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नया इतिहास रचेंगी. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच पेश होने वाले इस बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी है. हर कोई आर्थिक वृद्धि को गति देने के उद्देश्य से सुधारवादी उपायों के होने की उम्मीद कर रहा है. केंद्रीय बजट की तैयारियां अंतिम चरण में है. मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस में पारंपरिक हलवा सेरेमनी का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी मौजूद रहे. हलवा सेरेमनी को बजट प्रक्रिया का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है. इसके बाद बजट तैयार करने में शामिल अधिकारी 'लॉक-इन' हो जाते हैं, यानी बजट पेश होने तक वे बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग रहते हैं. केंद्रीय बजट 2026-27 को 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया जाएगा.

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मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब पहुंचेगी निर्मला सीतारमण

लेकिन एक जनवरी को जब निर्मला ताई इस बजट को पढ़ेंगी तब वो एक नया इतिहास रचेंगी. अब तक सीतारमण ने फरवरी 2024 के अंतरिम बजट सहित कुल आठ लगातार बजट पेश किए हैं. इस साल का बजट पेश कर वो पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा विभिन्न समय अवधियों में पेश किए गए 10 बजटों के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी. देसाई ने 1959-1964 के दौरान वित्त मंत्री के रूप में कुल छह बजट और 1967-1969 के बीच चार बजट पेश किए थे. 

पूर्व वित्त मंत्रियों पी चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में क्रमशः नौ और आठ बजट पेश किए थे. हालांकि, लगातार सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड सीतारमण के नाम ही रहेगा. इस साल वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लगातार नौ बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाएंगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 में दूसरी बार सत्ता में आने पर सीतारमण को भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया था. इसके बाद 2024 में तीसरी बार मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद वित्त मंत्रालय उनके पास ही रहा. 

जानिए बजट से जुड़े 10 अहम तथ्य

पहला बजट: स्वतंत्र भारत का पहला आम बजट 26 नवंबर, 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर के शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था.

सर्वाधिक बजट: पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड है. उन्होंने प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और बाद में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में वित्त मंत्री के रूप में कुल 10 बजट पेश किए.

दूसरा सबसे अधिक बजट: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नौ बार बजट पेश किए. उन्होंने पहली बार 19 मार्च, 1996 को प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली संयुक्त मोर्चा सरकार के दौरान बजट पेश किया था. उन्होंने कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार में भी कई बजट पेश किए.

तीसरा सबसे अधिक बजट: प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान आठ बजट पेश किए. उन्होंने 1982, 1983 और 1984 में और कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार में फरवरी 2009 से मार्च 2012 के बीच लगातार पांच बजट पेश किए.

मनमोहन सिंह: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 से 1995 के बीच पी वी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए लगातार पांच बजट पेश किए थे.

सबसे लंबा बजट भाषण: सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड सीतारमण के नाम है. उनका एक फरवरी, 2020 का बजट भाषण दो घंटे और 40 मिनट तक चला था. उस समय, उन्होंने दो पेज बाकी रहते हुए ही अपना भाषण समाप्त कर दिया था.

सबसे छोटा बजट भाषण: हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल का 1977 का अंतरिम बजट भाषण अब तक का सबसे छोटा भाषण है, जो केवल 800 शब्दों का था.

समय: परंपरा के अनुसार बजट फरवरी के आखिरी दिन शाम पांच बजे पेश किया जाता था. यह समय औपनिवेशिक काल की प्रथा के अनुरूप था, ताकि घोषणाएं लंदन और भारत में एक ही समय पर की जा सकें.

इस समय को 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया. तब से बजट सुबह 11 बजे पेश किए जाते हैं.

तारीख: बजट पेश करने की तारीख 2017 में बदलकर एक फरवरी कर दी गई थी. ऐसा इसलिए किया गया, ताकि सरकार मार्च के अंत तक संसदीय मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर सके और एक अप्रैल से वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ बजट लागू हो जाए.

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