वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण.
नई दिल्ली:
- आयकर: आयकर ढांचे में व्यापक बदलाव किए गए और नए स्लैब बना दिए हैं, लेकिन यह नए स्लैब के तहत टैक्स का भुगतान वही करदाता कर सकेंगे, जो पूर्व नियमों के तहत मिलने वाली छूट और कटौतियों को छोड़ देंगे. नए स्लैबों के तहत अब भी पांच लाख रुपये तक करयोग्य आय वालों को पहले की ही तरह कोई टैक्स नहीं देना होगा. पांच लाख रुपये से साढ़े सात लाख रुपये तक की करयोग्य आय पर अब पहले चुकाए जाते रहे 20 प्रतिशत की तुलना में सिर्फ 10 फीसदी टैक्स अदा करना होगा. साढ़े सात लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की राशि पर पहले चुकाए जाते रहे 20 प्रतिशत की तुलना में सिर्फ 15 फीसदी टैक्स अदा करना होगा. 10 लाख से 12.5 लाख रुपये तक की करयोग्य आय पर पहले चुकाए जाते रहे 30 प्रतिशत की तुलना में सिर्फ 20 फीसदी टैक्स अदा करना होगा. 12.5 लाख से 15 लाख रुपये तक की करयोग्य आय पर पहले चुकाए जाते रहे 30 प्रतिशत की तुलना में सिर्फ 25 फीसदी टैक्स अदा करना होगा, और 15 लाख रुपये से अधिक की करयोग्य आय पर पहले की ही तरह 30 फीसदी टैक्स अदा करना होगा.
- 10 फीसदी जीडीपी का अनुमान: बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में बाजार मूल्य पर जीडीपी वृद्धि दर 10 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और केंद्र सरकार का कर्ज घटकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 48.7 प्रतिशत पर आ गया है. यह मार्च, 2014 में 52.2 प्रतिशत था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए कहा कि 2014-19 के दौरान औसत वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से अधिक रही. इस दौरान औसत मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत रही.
- LIC का हिस्सा बेचने का ऐलान: सरकार ने अपने विनिवेश कार्यक्रम के तहत देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी कुछ हिस्सेदारी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए बेचने की घोषणा की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में 2020-21 का बजट भाषण पढ़ते हुए यह प्रस्ताव किया. उन्होंने कहा कि एलआईसी को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि सूचीबद्धता से कंपनियों में वित्तीय अनुशासन बढ़ता है. सीतारमण ने कहा कि सरकार का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये एलआईसी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव है. अभी एलआईसी की पूरी हिस्सेदारी सरकार के पास है.
- शिक्षा पर 99300 करोड़ होंगे खर्च: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में आम बजट पेश करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार वित्त वर्ष 2021 में 99,300 करोड़ रुपये खर्च करेगी. पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधिक निवेश कर रही है.
- करदाता चार्टर लाने का ऐलान: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के करदाताओं के लिए आम बजट में करदाता चार्टर लाने का बड़ा एलान किया है. वित्तमंत्री शनिवार को लोकसभा में आम बजट 2020-21 पेश कर रही थीं. उन्होंने कहा कि कर को लेकर किसी भी करदाता को परेशान नहीं किया जाएगा.
- बैंकों में जमा 5 लाख रुपये तक सुरक्षित है. बैंकों में जमाकर्ताओं के लिये ‘जमा बीमा सुरक्षा' एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया.
- राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी का गठन: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नॉन गैजेट पोस्ट के लिए कॉमन टेस्ट करवाया जाएगा. कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अराजपत्रित (नॉन गैजेटेड) पदों पर भर्ती के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की स्थापना की जाएगी. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी बैंकों की भर्ती प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा.
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में आम बजट पेश करते हुए कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के जरिए हर जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज अटैच करने का प्रस्ताव किया गया है.
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Budget2020, Nirmala Sitharaman