महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगर पालिका समेत 29 नगर निकायों में 15 जनवरी को वोट डाले जाएंगे. इसमें सबकी नजर 75 हजार करोड़ रुपये के बजट वाले बीएमसी पर है, जहां 227 वार्ड का चुनाव होना है. मुंबई में मराठी बनाम गैर मराठी मुद्दे को भी चुनाव में उभारने की भरपूर कोशिश की गई है. मराठी अस्मिता और मराठी मानुष का मुद्दा ठाकरे बंधुओं ने मुंबई में जोरशोर से उठाया है. मुंबई में क्या धार्मिक और जातिगत समीकरण हैं, आइए जानते हैं.
मुंबई की कितनी आबादी
महाराष्ट्र निकाय चुनाव के केंद्र मुंबई की कुल आबादी अभी 1.87 करोड़ के करीब (नगर निगम क्षेत्र) बताई जाती है. पूरे मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) की जनसंख्या 2.7 करोड़ के लगभग है. मुंबई में 67.39% हिन्दू, 18.56% मुस्लिम और करीब 4 फीसदी जैन धर्म के अनुयायी हैं. जबकि ईसाइयों की संख्या 3.72% है. बाकी सिख, पारसी और अन्य धर्मावलंबी हैं.
बीएमसी चुनाव में कितनी सीटें
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव में 227 वार्ड का चुनाव हो रहा है. शिवसेना यूबीटी में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना ने राज ठाकरे की मनसे से हाथ मिलाया है.शिवसेना का करीब 25 साल से बीएमसी में दबदबा है. जबकि भाजपा ने शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के साथ गठबंधन किया है.

BJP Shivsena Shinde
मराठी वोटर सबसे ज्यादा
BMC के 227 चुनाव वार्ड के जातिगत समीकरणों की बात करें तो मराठी, उत्तर भारतीय, मुस्लिम, गुजराती और मारवाड़ी वोटरों की संख्या सर्वाधिक है. बीएमसी चुनाव 2017 में 227 पार्षद चुने गए थे. इसमें करीब 150-155 नगरसेवक मराठी भाषी थे. गैर मराठियों में 72 से 76 नगरसेवक उत्तर भारतीय, गुजराती और मुस्लिम थे. ठाकरे बंधुओं के साथ शिंदे गुट का फोकस मराठी मानुष पर है. भाजपा मराठी और उत्तर भारतीय दोनों को रिझा रही है.
- मराठी : 25 से 30 फीसदी
- उत्तर भारतीय : 22 से 25 फीसदी
- मुस्लिम : 20 से 21 फीसदी
- गुजराती, मारवाड़ी : 17 फीसदी
- दक्षिण भारतीय व अन्य : 11 फीसदी
नवी मुंबई की आबादी
नवी मुंबई की आबादी भी मुंबई शहर के मुकाबले तेजी से बढ़ रही है. वहां हिंदू आबादी करीब 80% और मुस्लिम आबादी लगभग 9 फीसदी के करीब है. बीएमसी, नवी मुंबई नगर निगम के अलावा पुणे, नागपुर, अमरावती, सोलापुर समेत 29 जगहों पर निकाय चुनाव हो रहा है.

Uddhav Thackeray Raj Thackeray
मुंबई में मराठी सबसे ज्यादा
मुंबई में करीब 30 फीसदी वोटर मराठी हैं. शिवसेना एकनाथ शिंदे और शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट और राज ठाकरे की मनसे ने इन पर पूरी ताकत झोंकी है. सेंट्रल मुंबई में दादर, परेल, लालबाग से लेकर गिरगांव और पुराने रिहायशी क्षेत्रों में मराठी वोटर सबसे ज्यादा है. बीएमसी के 40 से 45 प्रतिशत नगर सेवक इसी वर्ग से संबंध रखते हैं.
यूपी,बिहार का कहां जोर
गैर मराठी वोटरों की बात करें तो मुंबई में 20 से 25 फीसदी उत्तर भारतीय मतदाता हैं. इसमें 80 फीसदी के लगभग उत्तर प्रदेश और बिहार से जुड़े हैं. कांदिवली, कुर्ला, गोरेगांव, मलाड, मीरा भयंदर, और घाटकोपर में उत्तर भारतीय तादाद ज्यादा है. बीजेपी के साथ कांग्रेस भी इन पर दांव लगा रही है.
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